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हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा: अनाथ-विधवा सेस लागू, 60 पैसे प्रति लीटर बढ़ी कीमत; जानें नई दर का असर
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल महंगा: अनाथ-विधवा सेस लागू, 60 पैसे प्रति लीटर बढ़ी कीमत; जानें नई दर का असर
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ-विधवा सेस लागू हो गया है। नई दर 12 अगस्त की आधी रात से प्रभावी हुई।
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमत बढ़ गई है। राज्य सरकार ने ईंधन पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लागू किया है। नई दर 12 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई, जिसके बाद राज्य में पेट्रोल और डीजल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले से अधिक भुगतान करना होगा।
यह सेस राज्य में अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए बनाए गए फंड में जाएगा। हिमाचल प्रदेश के 2026 के VAT संशोधन कानून में सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार दिया गया था। अब अधिसूचना के जरिए शुरुआती दर 60 पैसे प्रति लीटर तय की गई है।
पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त भार
नए प्रावधान के बाद हिमाचल में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर प्रति लीटर 60 पैसे अतिरिक्त चुकाने होंगे। यानी 10 लीटर पेट्रोल या डीजल खरीदने पर सेस के रूप में 6 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। यह बढ़ोतरी राज्य सरकार द्वारा लगाए गए नए सेस के कारण हुई है।
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर वाहन मालिकों पर पड़ेगा। हालांकि, इस खबर में उपलब्ध स्रोत में अलग-अलग शहरों की अंतिम खुदरा कीमतें नहीं दी गई हैं, इसलिए यहां किसी शहर की नई पेट्रोल या डीजल कीमत का अनुमान नहीं लगाया जा रहा है।
12 अगस्त की आधी रात से लागू हुआ नया सेस
राज्य में बढ़ी हुई दर 12 अगस्त की रात 12 बजे से लागू हुई। इसके बाद पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री नई दरों के अनुसार होगी।
इस फैसले की कानूनी नींव अप्रैल 2026 में पारित हिमाचल प्रदेश VAT संशोधन कानून में रखी गई थी। कानून में Orphan and Widow Cess का प्रावधान जोड़ा गया था और इसकी अधिकतम सीमा 5 रुपए प्रति लीटर तय की गई थी।
सेस से मिलने वाली राशि कहां खर्च होगी?
कानून के मुताबिक इस सेस से प्राप्त राशि को Orphan and Widow Welfare Fund में जमा किया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए किया जाना है।
इस तरह सरकार ने ईंधन पर लगाए गए नए सेस को सीधे सामाजिक कल्याण से जोड़ने का प्रावधान किया है। फिलहाल लागू की गई दर अधिकतम संभावित 5 रुपए प्रति लीटर से काफी कम है।
निर्माण श्रमिकों को भी 20.61 करोड़ की सहायता
ईंधन पर सेस लागू करने के साथ ही राज्य में निर्माण श्रमिकों के लिए भी वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड 15 अगस्त 2026 को 14 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 पात्र लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देगा।
बोर्ड में करीब 4.84 लाख मजदूर पंजीकृत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मौजूदा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में निर्माण श्रमिकों को लगभग 95 करोड़ रुपए जारी कर चुकी है। अगले साल 300 करोड़ रुपए बांटने का लक्ष्य रखा गया है।
e-KYC में 70 हजार अपात्र लाभार्थी मिले
निर्माण श्रमिकों की योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बोर्ड ने 98 हजार पंजीकृत मजदूरों का e-KYC सत्यापन कराया। इसमें करीब 70 हजार अपात्र लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है, जिन्हें वर्ष 2021-22 के दौरान लाभ दिया गया था। स्रोत के अनुसार इन नामों पर 176 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई थी।
e-KYC के जरिए अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाया जा सके।
किन योजनाओं के तहत मिलेगा 20.61 करोड़ का फंड?
15 अगस्त को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के लिए राशि निर्धारित की गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
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शादी सहायता योजना: 8.98 करोड़ रुपए
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शिक्षा सहायता योजना: 7.89 करोड़ रुपए
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मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता: 1.49 करोड़ रुपए
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CM/PM आवास योजना: 89.77 लाख रुपए
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एकल, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं के लिए: 61 लाख रुपए
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मातृत्व/पितृत्व सहायता योजना: 38.02 लाख रुपए
हिमाचल में ईंधन की नई कीमत का क्या असर होगा?
60 पैसे प्रति लीटर सेस सीधे पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की खरीद लागत में जुड़ता है। इसका असर निजी वाहन मालिकों के साथ उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो रोजाना ईंधन का अधिक इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, उपलब्ध स्रोत में परिवहन किराए या अन्य वस्तुओं की कीमतों पर तत्काल प्रभाव को लेकर कोई अलग निर्णय नहीं बताया गया है।
सरकार का उद्देश्य इस सेस से प्राप्त राजस्व को सामाजिक कल्याण के लिए इस्तेमाल करना है। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं के लिए इसका तत्काल असर ईंधन पर प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान के रूप में दिखाई देगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिमाचल में पेट्रोल कितना महंगा हुआ?
पेट्रोल पर 60 पैसे प्रति लीटर का नया अनाथ एवं विधवा सेस लागू हुआ है। इससे प्रति लीटर 60 पैसे अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
डीजल पर कितना सेस लगा है?
हाई-स्पीड डीजल पर भी 60 पैसे प्रति लीटर का अनाथ एवं विधवा सेस लागू किया गया है।
हिमाचल में नया पेट्रोल-डीजल सेस कब से लागू हुआ?
नया सेस 12 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी हुआ।
अनाथ और विधवा सेस से मिलने वाली राशि कहां जाएगी?
कानून के अनुसार सेस से मिलने वाली राशि Orphan and Widow Welfare Fund में जमा की जाएगी और इसका इस्तेमाल अनाथों तथा विधवाओं के कल्याण के लिए किया जाएगा।
क्या सेस की दर हमेशा 60 पैसे ही रहेगी?
उपलब्ध कानून में सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक सेस लगाने की अनुमति दी गई है। वर्तमान में अधिसूचित दर 60 पैसे प्रति लीटर है।
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Great coverage on regional logistics freight networks.
Important policy update for regional manufacturing hubs.
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