नई दिल्ली। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा जमा करने वालों के लिए ब्याज दरों से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद कुछ वित्तीय संस्थानों ने अपनी जमा योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव किया है। Indian Bank ने अपनी दो विशेष FD योजनाओं पर ब्याज बढ़ाया है। वहीं, Bajaj Finance ने भी अलग-अलग अवधि की FD पर दरों में इजाफा किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि देश के सभी बड़े बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं।
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया। इस फैसले के बाद जमा और कर्ज की ब्याज दरों में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज हुई।
हालांकि, रेपो रेट बढ़ने के बाद सभी बैंकों के लिए FD की ब्याज दरें तुरंत बढ़ाना जरूरी नहीं होता। बैंक अपनी नकदी की जरूरत, जमा की स्थिति और कर्ज की मांग के आधार पर दरों में बदलाव करते हैं। इसलिए FD खोलने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा दरें जांचना जरूरी है।
Indian Bank की 555 और 777 दिन की FD पर बढ़ा ब्याज
Indian Bank ने अपनी दो विशेष अवधि वाली FD योजनाओं की ब्याज दरों में 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। नई दरें 23 अक्टूबर 2026 से लागू हुई हैं। इन योजनाओं में 555 दिन की IND Grow और 777 दिन की IND Prosper FD शामिल हैं।
- 555 दिन की IND Grow FD: ब्याज दर 6.65% से बढ़कर 6.80% सालाना हो गई है।
- 777 दिन की IND Prosper FD: ब्याज दर 6.60% से बढ़कर 6.75% सालाना हो गई है।
- सीनियर सिटीजन: पात्र वरिष्ठ नागरिकों को इन योजनाओं में अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल सकता है।
ये दरें संबंधित विशेष अवधि वाली योजनाओं के लिए हैं। दूसरी अवधि की FD पर ब्याज अलग हो सकता है। जमा करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू शर्तों और दरों की पुष्टि करें।
Bajaj Finance ने भी बढ़ाईं FD की ब्याज दरें
Bajaj Finance ने 7 अक्टूबर 2026 से 12 महीने से 60 महीने तक की अवधि वाली FD पर ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी की थी। यह कंपनी एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, बैंक नहीं।
बदलाव के बाद 31 से 60 महीने की अवधि वाली संचयी FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.75% सालाना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.15% सालाना बताई गई है। ये दरें पात्र जमा और लागू शर्तों के अधीन हैं।
इसलिए FD की तुलना करते समय यह देखना जरूरी है कि जमा किसी बैंक में किया जा रहा है या NBFC में। दोनों के नियम, जोखिम और जमा सुरक्षा की व्यवस्था एक जैसी नहीं होती।
क्या SBI, HDFC और दूसरे बड़े बैंकों ने भी FD दरें बढ़ाईं?
उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार, RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद SBI और HDFC Bank ने तत्काल अपनी FD ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था। ICICI Bank, Axis Bank और PNB की दरें भी योजना और जमा अवधि के अनुसार अलग-अलग हैं। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि सभी बड़े बैंकों ने एक साथ FD पर ब्याज बढ़ा दिया है।
अक्टूबर 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, HDFC Bank की कुछ लंबी अवधि की FD पर सामान्य ग्राहकों को अधिकतम 6.50% तक ब्याज मिल रहा था, जबकि SBI की कुछ अवधि वाली FD पर दर 6.45% तक बताई गई थी। ये दरें समय के साथ बदल सकती हैं और इन्हें निवेश करने से पहले बैंक की आधिकारिक दर-सूची से मिलाना चाहिए।
FD कराने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
- अवधि की तुलना करें: एक साल, दो साल और विशेष अवधि वाली FD की दरें अलग हो सकती हैं।
- सीनियर सिटीजन लाभ: पात्र वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है।
- समय से पहले निकासी: मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर जुर्माना या कम ब्याज लागू हो सकता है।
- टैक्स: FD से मिलने वाला ब्याज लागू आयकर नियमों के अनुसार कर योग्य हो सकता है।
- जमा सुरक्षा: बैंक और NBFC की जमा योजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था अलग होती है। निवेश से पहले नियम समझें।
FD पर ज्यादा ब्याज पाने के लिए क्या करें?
FD कराने से पहले केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर देखकर फैसला न करें। जमा की अवधि, समय से पहले निकासी के नियम, वरिष्ठ नागरिकों के लाभ और संस्थान की जमा सुरक्षा भी देखें। अगर आने वाले समय में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना है, तो पूरी रकम एक ही अवधि में जमा करने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD पर विचार किया जा सकता है।
Indian Bank की संशोधित दरें उसकी दो विशेष FD योजनाओं पर लागू हैं, जबकि Bajaj Finance ने अपनी अलग जमा योजनाओं की दरें बदली हैं। निवेश करने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम दर और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
