मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में पंचायत विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जनपद पंचायत हनुमना में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी रामकुशल मिश्रा को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पंचायत राज संचालनालय भोपाल ने 5 नवंबर 2026 को यह आदेश जारी किया। कार्रवाई रीवा की अदालत द्वारा करीब 14 साल पहले डकैती और मारपीट के आपराधिक मामले में सुनाई गई सजा के आधार पर की गई है।
रामकुशल मिश्रा को वर्ष 2012 में डकैती के मामले में दोषी ठहराया गया था। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा ने आपराधिक प्रकरण क्रमांक 271/07 में 20 अप्रैल 2012 को फैसला सुनाते हुए उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी थी। इसके अलावा धारा 323 के तहत मारपीट के मामले में 1 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया था।
2012 में रीवा की अदालत ने सुनाई थी सजा
अदालत के फैसले के अनुसार, रामकुशल मिश्रा को डकैती के अपराध में दोषी पाया गया था। धारा 395 के तहत उन्हें तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसी प्रकरण में धारा 323 के तहत भी दोषसिद्धि हुई और एक हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।
यह मामला आपराधिक प्रकरण क्रमांक 271/07 से संबंधित था। अदालत का फैसला 20 अप्रैल 2012 को आया था। विभाग ने इसी न्यायिक दोषसिद्धि को शासकीय सेवा में बने रहने की पात्रता और कर्मचारी के आचरण से जुड़ा गंभीर मामला माना।
जवा से हनुमना तक रही पदस्थापना
रामकुशल मिश्रा पूर्व में जनपद पंचायत जवा की ग्राम पंचायत जनकहाई में पंचायत सचिव के पद पर पदस्थ थे। बाद में उनकी पदस्थापना जनपद पंचायत हनुमना में पंचायत समन्वय अधिकारी के रूप में हुई। बर्खास्तगी के आदेश के समय वे हनुमना में ही कार्यरत थे।
पंचायत राज संचालनालय ने जारी किया बर्खास्तगी आदेश
पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल ने आपराधिक मामले में दोषसिद्धि को आधार बनाकर सेवा से हटाने की कार्रवाई की है। विभागीय आदेश में कर्मचारी के कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम 1 एवं 3 के तहत गंभीर कदाचरण माना गया है।
विभाग का रुख है कि डकैती जैसे गंभीर अपराध में दोषसिद्ध कर्मचारी का शासकीय सेवा में बने रहना प्रशासनिक मर्यादा और जनहित के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर रामकुशल मिश्रा को शासकीय सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
14 साल पुराने फैसले के आधार पर हुई कार्रवाई
इस मामले में अदालत का फैसला वर्ष 2012 में आया था, जबकि पंचायत राज संचालनालय ने बर्खास्तगी का आदेश 5 नवंबर 2026 को जारी किया। यानी न्यायिक दोषसिद्धि के करीब 14 साल बाद विभागीय स्तर पर सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई के बाद मऊगंज और रीवा संभाग के पंचायत विभाग में मामला चर्चा का विषय बन गया है। आदेश के बाद रामकुशल मिश्रा की शासकीय सेवा समाप्त कर दी गई है।
