PMEGP: ₹50 लाख का मिलेगा लोन, चुकाना होगा बस ₹32.5 लाख, ₹17.5 लाख की सब्सिडी, कैसे करें अप्लाई? जानिए नियम

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New Delhi: PMEGP: ₹50 लाख का मिलेगा लोन, चुकाना होगा बस ₹32.5 लाख, ₹17.5 लाख की सब्सिडी, कैसे करें अप्लाई? जानिए नियम
PMEGP: ₹50 लाख का मिलेगा लोन, चुकाना होगा बस ₹32.5 लाख, ₹17.5 लाख की सब्सिडी, कैसे करें अप्लाई? जानिए नियम

मुख्य बिंदुQuick Read

  • PMEGP में नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई के लिए अधिकतम परियोजना लागत ₹50 लाख है।
  • सर्विस सेक्टर की परियोजनाओं के लिए अधिकतम सीमा ₹20 लाख है।
  • पात्र विशेष श्रेणी के ग्रामीण आवेदक को 35% दर से ₹50 लाख की पात्र परियोजना पर ₹17.5 लाख तक की सब्सिडी की गणना हो सकती है।
  • सामान्य श्रेणी में खुद का योगदान 10% और विशेष श्रेणी में 5% है।
अपना कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत है, लेकिन बैंक से लोन लेने में परेशानी हो रही है? केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना पात्र लोगों को नया सूक्ष्म उद्योग या सेवा कारोबार शुरू करने के लिए बैंक फाइनेंस और सरकारी सब्सिडी की सुविधा देती है। मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट के लिए अधिकतम पात्र लागत 50 लाख रुपये और बिजनेस/सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपये निर्धारित है। PMEGP के आधिकारिक पोर्टल पर योजना की जानकारी और आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

पीएमईजीपी योजना क्या है?

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य नए स्वरोजगार उद्यम स्थापित करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना के तहत पात्र आवेदक परियोजना के लिए बैंक से वित्तीय सहायता ले सकता है। सरकार निर्धारित शर्तों के अनुसार मार्जिन मनी सब्सिडी देती है।

यह मुफ्त में 50 लाख रुपये देने वाली योजना नहीं है। आवेदक को अपनी हिस्सेदारी लगानी होती है, बैंक की मंजूरी लेनी होती है और योजना के नियमों का पालन करना होता है। बैंक परियोजना की व्यवहार्यता और आवेदक की भुगतान क्षमता का आकलन करता है।

50 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?

PMEGP की संशोधित योजना गाइडलाइन के अनुसार, नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई के लिए अधिकतम पात्र परियोजना लागत 50 लाख रुपये और बिजनेस/सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपये है। सब्सिडी की दर आवेदक की श्रेणी और इकाई के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में होने पर निर्भर करती है।

  • सामान्य श्रेणी, ग्रामीण क्षेत्र: परियोजना लागत का 25% तक।
  • सामान्य श्रेणी, शहरी क्षेत्र: परियोजना लागत का 15% तक।
  • विशेष श्रेणी, ग्रामीण क्षेत्र: परियोजना लागत का 35% तक।
  • विशेष श्रेणी, शहरी क्षेत्र: परियोजना लागत का 25% तक।

विशेष श्रेणी में योजना के नियमों के अनुसार पात्र वर्ग शामिल होते हैं। आवेदन करते समय संबंधित श्रेणी के प्रमाण और मौजूदा सरकारी दिशानिर्देशों की जांच करना जरूरी है।

50 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर सब्सिडी का उदाहरण

यदि 50 लाख रुपये की पूरी परियोजना लागत सब्सिडी के लिए पात्र है, तो अलग-अलग श्रेणियों में गणना इस प्रकार होगी:

आवेदक की श्रेणी सब्सिडी दर 50 लाख पर गणना
सामान्य, ग्रामीण 25% 12.5 लाख रुपये
सामान्य, शहरी 15% 7.5 लाख रुपये
विशेष, ग्रामीण 35% 17.5 लाख रुपये
विशेष, शहरी 25% 12.5 लाख रुपये

ये उदाहरण पात्र परियोजना लागत पर आधारित हैं। वास्तविक सहायता संबंधित श्रेणी, परियोजना की मंजूरी और योजना की शर्तों के अनुसार तय होगी।

क्या 50 लाख रुपये का लोन लेकर सिर्फ 32.5 लाख लौटाने होंगे?

इस दावे को सीधे तौर पर समझना सही नहीं होगा। 50 लाख रुपये की परियोजना पर 17.5 लाख रुपये की संभावित सब्सिडी का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को 50 लाख रुपये का पूरा बैंक लोन मिलेगा और फिर उसे केवल 32.5 लाख रुपये चुकाने होंगे।

सामान्य श्रेणी के आवेदक को परियोजना लागत का 10% और विशेष श्रेणी के आवेदक को 5% अपना योगदान देना होता है। शेष राशि बैंक फाइनेंस के जरिए उपलब्ध कराई जा सकती है। पात्र सब्सिडी निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंक में रखी जाती है और निर्धारित लॉक-इन अवधि तथा सत्यापन की शर्तें पूरी होने के बाद ऋण खाते में समायोजित की जाती है।

इसलिए कुल बैंक ऋण, ब्याज, किस्तों और सब्सिडी समायोजन के बाद देय राशि को एक ही आंकड़े से तय नहीं किया जा सकता। बैंक की स्वीकृति और लागू दिशानिर्देशों को समझना जरूरी है।

पीएमईजीपी के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

  • नए उद्यम के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति कम से कम 18 वर्ष का होना चाहिए।
  • नई इकाई के लिए योजना में निर्धारित पात्रता और परियोजना संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की लागत 10 लाख रुपये से अधिक होने पर और बिजनेस/सर्विस प्रोजेक्ट की लागत 5 लाख रुपये से अधिक होने पर कम से कम आठवीं पास योग्यता की शर्त लागू होती है।
  • एक परिवार से सामान्यतः केवल एक व्यक्ति नई इकाई के लिए सहायता ले सकता है। परिवार की परिभाषा में आवेदक, पति या पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
  • परियोजना में पात्र पूंजीगत खर्च होना चाहिए। जमीन खरीदने की लागत सामान्यतः पात्र परियोजना लागत में शामिल नहीं होती।

यह सुविधा मुख्य रूप से नई इकाइयों के लिए है। पहले से चल रही पात्र इकाइयों के विस्तार या अपग्रेडेशन के लिए अलग दूसरी ऋण सुविधा और उसकी अलग शर्तें हो सकती हैं।

पीएमईजीपी में कौन-से कारोबार शुरू कर सकते हैं?

योजना के तहत पात्र मैन्युफैक्चरिंग और सेवा कारोबार के लिए आवेदन किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर फूड प्रोसेसिंग, फर्नीचर निर्माण, पैकेजिंग, मरम्मत सेवाएं और कुछ वर्कशॉप शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, सभी कारोबार स्वतः पात्र नहीं होते। कुछ गतिविधियों पर रोक है और व्यापार या खुदरा बिक्री से संबंधित परियोजनाओं के लिए विशेष नियम लागू हो सकते हैं। कारोबार का चयन करने से पहले आधिकारिक योजना गाइडलाइन में उसकी पात्रता जांचें।

PMEGP के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: pmegp.msme.gov.in पर जाएं और आवेदन संबंधी विकल्प चुनें।
  2. परियोजना रिपोर्ट तैयार करें: कारोबार, मशीनरी, पूंजीगत खर्च, कार्यशील पूंजी और अनुमानित आय का विवरण तैयार करें।
  3. ऑनलाइन फॉर्म भरें: व्यक्तिगत जानकारी, सामाजिक श्रेणी, प्रस्तावित इकाई और बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करें।
  4. दस्तावेज जमा करें: पोर्टल पर मांगे गए पहचान, फोटो, शैक्षणिक योग्यता और परियोजना रिपोर्ट जैसे दस्तावेज अपलोड करें।
  5. बैंक की जांच: आवेदन संबंधित एजेंसी और बैंक की प्रक्रिया से गुजरता है। बैंक परियोजना की व्यवहार्यता और भुगतान क्षमता की जांच के बाद फैसला करता है।
  6. मंजूरी के बाद की प्रक्रिया: स्वीकृति मिलने पर लागू नियमों के अनुसार उद्यमिता विकास प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।

आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखें

  • मैन्युफैक्चरिंग के लिए 50 लाख रुपये और बिजनेस/सर्विस सेक्टर के लिए 20 लाख रुपये अधिकतम पात्र परियोजना लागत है।
  • अपना योगदान सामान्य श्रेणी में 10% और विशेष श्रेणी में 5% है।
  • मार्जिन मनी सब्सिडी पर तीन साल की लॉक-इन अवधि और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया लागू होती है।
  • बैंक ब्याज दर, किस्त और ऋण अवधि बैंक की मंजूरी तथा लागू शर्तों के अनुसार तय होंगे।
  • सब्सिडी की पात्रता या आवेदन करने से बैंक लोन की मंजूरी की गारंटी नहीं मिलती।
  • लोन या सब्सिडी मंजूर कराने का दावा करने वाले अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहें।

आवेदन से पहले PMEGP के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम दिशानिर्देश और पात्रता जरूर पढ़ें।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क
विशेष संवाददाता • The City Express

The City Express की संपादकीय टीम के अधिकृत सदस्य। समसामयिक मुद्दों, जनसमस्याओं और विंध्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग।

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