✍️ विशेष संवाददाता•Published On 22nd Aug, 2026 @ 9:01 PM
भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष USD-INR Forex Swap Facility के तहत 21 अगस्त 2026 तक बैंकों ने कुल $72.848 अरब की विदेशी मुद्रा जुटाई है। इसमें सबसे बड़ा योगदान FCNR(B) जमा का रहा, जिससे $65.397 अरब आए। RBI की यह सुविधा FCNR(B) जमा के लिए 31 अगस्त तक और ECB तथा OFCB के लिए 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध है।
RBI Forex Update: भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा प्रवाह को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। RBI की विशेष USD-INR Forex Swap Facility के तहत 21 अगस्त 2026 तक देश में कुल 72.848 अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब $72.85 अरब की विदेशी मुद्रा जुटाई गई है।
इसमें सबसे बड़ा योगदान FCNR(B) यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) deposits का रहा है। RBI के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, FCNR(B) जमा के जरिए अकेले $65.397 अरब की विदेशी मुद्रा आई है।
इसके अलावा Overseas Foreign Currency Borrowings यानी OFCBs से $4.860 अरब और External Commercial Borrowings यानी ECBs से $2.591 अरब का inflow दर्ज किया गया है।
RBI की Swap Facility से कितना पैसा आया?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 अगस्त 2026 को जारी अपने आधिकारिक आंकड़ों में बताया कि 21 अगस्त तक Authorised Dealer Banks द्वारा रिपोर्ट किए गए forex inflows इस प्रकार रहे:
| स्रोत |
विदेशी मुद्रा प्रवाह |
| FCNR(B) Deposits |
$65.397 अरब |
| OFCBs |
$4.860 अरब |
| ECBs |
$2.591 अरब |
| कुल |
$72.848 अरब |
FCNR(B) जमा से सबसे ज्यादा $65.4 अरब
RBI के आंकड़ों में साफ है कि इस विशेष सुविधा के तहत सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) deposits से आया है। 21 अगस्त तक कुल $72.848 अरब के inflow में से $65.397 अरब अकेले FCNR(B) deposits से प्राप्त हुए।
इसका मतलब है कि कुल forex inflow में FCNR(B) deposits की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले OFCBs और ECBs का योगदान अपेक्षाकृत कम रहा।
FCNR(B), ECB और OFCB क्या हैं?
FCNR(B) या Foreign Currency Non-Resident (Bank) account एक ऐसा बैंक जमा खाता है, जिसके जरिए अनिवासी भारतीय और पात्र विदेशी नागरिक विदेशी मुद्रा में भारत के बैंकों में पैसा जमा कर सकते हैं।
ECB यानी External Commercial Borrowings के तहत भारतीय कंपनियां या पात्र संस्थाएं विदेशी स्रोतों से उधार लेती हैं। वहीं OFCB यानी Overseas Foreign Currency Borrowings भी विदेशी मुद्रा में जुटाई जाने वाली धनराशि का एक स्रोत है।
RBI की विशेष swap facility में इन माध्यमों से आने वाली विदेशी मुद्रा को शामिल किया गया है।
RBI ने कब शुरू की थी विशेष USD-INR Forex Swap Facility?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 8 जून 2026 को विशेष USD-INR Forex Swap Facility शुरू की थी। यह सुविधा FCNR(B) deposits, External Commercial Borrowings और Overseas Foreign Currency Borrowings से आने वाले eligible forex inflows के लिए शुरू की गई थी।
इस व्यवस्था के तहत Authorised Dealer Banks पात्र विदेशी मुद्रा प्रवाह के लिए RBI की swap facility का उपयोग कर सकते हैं।
FCNR(B) के लिए सुविधा कब तक खुली है?
RBI ने पहले ही स्पष्ट किया था कि FCNR(B) deposits के लिए विशेष swap facility अब 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
वहीं ECBs और OFCBs के लिए यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।
RBI ने 14 अगस्त के अपने पहले के अपडेट में FCNR(B) window की समयसीमा में बदलाव की जानकारी दी थी। उस समय तक भी इस सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा inflows में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी।
21 अगस्त तक $72.85 अरब का आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण है?
विदेशी मुद्रा प्रवाह किसी देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होता है। डॉलर और अन्य विदेशी मुद्राओं का अधिक inflow भारत की banking और external financing व्यवस्था में अतिरिक्त विदेशी मुद्रा संसाधन उपलब्ध कराता है।
हालांकि RBI की swap facility के तहत जुटाई गई पूरी राशि को सीधे-सीधे भारत के forex reserves में स्थायी बढ़ोतरी के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यह एक विशेष swap व्यवस्था है, जिसके अपने नियम, अवधि और संबंधित दायित्व होते हैं।
इसलिए $72.85 अरब के आंकड़े को RBI की विशेष सुविधा के तहत mobilised forex inflows के रूप में देखना अधिक सटीक है।
13 अगस्त के बाद कितनी तेजी से बढ़ा forex inflow?
RBI के 13 अगस्त तक के आधिकारिक आंकड़ों में इस विशेष सुविधा के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $56.846 अरब था। 21 अगस्त तक यह बढ़कर $72.848 अरब हो गया।
यानी आठ दिनों के भीतर reported inflows में करीब $16 अरब की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में भी सबसे बड़ा योगदान FCNR(B) deposits का ही रहा।
भारतीय रिजर्व बैंक का नया अपडेट क्या कहता है?
22 अगस्त 2026 को जारी RBI के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 21 अगस्त तक Authorised Dealer Banks ने विशेष swap facility के तहत कुल $72,848 million की विदेशी मुद्रा जुटाई।
इसमें:
- FCNR(B) Deposits: $65,397 million
- OFCBs: $4,860 million
- ECBs: $2,591 million
- कुल Forex Inflow: $72,848 million
अब आगे क्या होगा?
FCNR(B) deposits के लिए विशेष swap facility की समयसीमा 31 अगस्त 2026 तक है। इसलिए इस अवधि के खत्म होने से पहले आने वाले नए inflows पर बाजार और banking sector की नजर रहेगी।
दूसरी ओर, ECBs और OFCBs के लिए swap facility 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहने वाली है। ऐसे में इन दोनों माध्यमों से आने वाले forex inflows के आंकड़े आगे भी बदलते रहेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष USD-INR Forex Swap Facility ने 21 अगस्त 2026 तक $72.85 अरब का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया है। इसमें FCNR(B) deposits की भूमिका सबसे बड़ी रही और इससे $65.397 अरब आए।
RBI के ताजा आधिकारिक आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि 13 अगस्त के बाद विदेशी मुद्रा inflows में तेज बढ़ोतरी हुई है। अब बाजार की नजर 31 अगस्त की FCNR(B) deadline और उसके बाद आने वाले अगले RBI आंकड़ों पर रहेगी।