✍️ विशेष संवाददाता•Published On 22nd Aug, 2026 @ 6:49 PM
इंदौर के सांवेर क्षेत्र के सिंहाना गांव स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। 38 बच्चों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 19 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और 4 बच्चे ICU में निगरानी में हैं। भोजन से बीमारी हुई या कोई अन्य कारण है, इसकी जांच की जा रही है।
Indore Mid-Day Meal: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना सांवेर क्षेत्र के सिंहाना गांव स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय की है, जहां बच्चों को कढ़ी-चावल परोसे जाने के बाद कई छात्रों ने पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की।
मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। इनमें से 19 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि चार बच्चों को एहतियात के तौर पर ICU में निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल भर्ती बच्चों की हालत स्थिर बताई गई है।
कढ़ी-चावल खाने के बाद बच्चों ने की तबीयत खराब होने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में शनिवार दोपहर बच्चों को मिड-डे मील के तहत कढ़ी-चावल परोसे गए थे। भोजन करने के कुछ समय बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर आने और सिरदर्द जैसी समस्याओं की शिकायत शुरू कर दी। एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने के बाद परिजनों को जानकारी दी गई और प्रभावित बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
38 बच्चे प्रभावित, 19 अस्पताल में भर्ती
घटना को लेकर शुरुआती जानकारी में प्रभावित बच्चों की संख्या अलग-अलग सामने आई थी। बाद में उपलब्ध विवरण के अनुसार कुल 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 19 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चार बच्चों को अतिरिक्त निगरानी के लिए ICU में रखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई गई है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
क्या यह फूड पॉइजनिंग का मामला है?
एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चों की तबीयत मिड-डे मील के कारण बिगड़ी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
इसलिए जांच रिपोर्ट आने से पहले इसे फूड पॉइजनिंग का पुष्टि किया गया मामला कहना सही नहीं होगा। वास्तविक कारण भोजन के नमूनों और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भोजन कहां बना और स्कूल तक कैसे पहुंचा? जांच में होगा खुलासा
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को परोसा गया भोजन कहां तैयार किया गया था, उसे स्कूल तक किस तरह पहुंचाया गया और परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं।
भोजन के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण भोजन था या कोई दूसरी वजह। इसके बाद ही जिम्मेदारी तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
अस्पताल में बच्चों की स्थिति कैसी है?
प्रभावित बच्चों को इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल पहुंचाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
चार बच्चों को एहतियात के तौर पर ICU में रखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और किसी बच्चे की स्थिति गंभीर होने की पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों में कौन-कौन से लक्षण सामने आए?
भोजन करने के बाद प्रभावित बच्चों में मुख्य रूप से पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द जैसी शिकायतें सामने आईं। इसके बाद बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन और परिजनों को तत्काल चिकित्सा सहायता की व्यवस्था करनी पड़ी।
स्वास्थ्य जांच और भोजन के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारण को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, तभी स्पष्ट होगा असली कारण
इंदौर के सांवेर क्षेत्र में सामने आए इस मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि बच्चों की तबीयत एक साथ क्यों बिगड़ी। मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों में लक्षण सामने आने से भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
प्रशासन भोजन के स्रोत, उसकी तैयारी, भंडारण, परिवहन और स्कूल में वितरण की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रहा है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।