TCE भोपाल/एमपी डेस्क। मध्य प्रदेश के चंबल अंचल स्थित भिंड जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे-719 (ग्वालियर-इटावा मार्ग) पर गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास सोमवार देर रात करीब 1:00 बजे मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप और सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्रक के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौके व उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि 23 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में पिकअप सवार मजदूरों के अलावा ट्रक का चालक भी शामिल है।
गायों को बचाने के प्रयास में बेकाबू हुई तेज रफ्तार पिकअप
गोहद चौराहा थाना पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक जांच के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण हाईवे पर अचानक सामने आए बेसहारा मवेशी बने। थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि पिकअप वाहन की रफ्तार लगभग 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा आंकी गई है।
जैसे ही पिकअप छीमका गांव के समीप पहुंची, सड़क के बीचो-बीच बैठी कुछ गायें अचानक सामने आ गईं। अंधेरे में मवेशियों को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन को तेजी से मोड़ने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर या विपरीत लेन में चला गया और सामने से आ रहे भारी ट्रक से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मजदूर दबकर गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।
ग्वालियर से लखीमपुर खीरी लौट रहे थे 29 मजदूर
हादसे में घायल मजदूर नंदलाल (पिता छेन बिहारी) ने बताया कि पिकअप वाहन में कुल 29 मजदूर सवार थे, जो अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में धान की रोपाई (कृषि कार्य) करने के लिए आए हुए थे। काम का सीजन समाप्त होने के बाद सभी मजदूर अपने गृह जनपद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित अपने पैतृक गांव लौट रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों व राहगीरों की मदद से गैस कटर व उपकरणों के सहारे क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकाला। 5 मृतकों के शवों को गोहद अस्पताल और 3 शवों को ग्वालियर के अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है, जहां उनकी शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
हाईवे पर आवारा मवेशी बने हादसों का बड़ा सबब
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के समय आवारा मवेशियों के जमावड़े और उससे उत्पन्न होने वाले जानलेवा जोखिम को उजागर किया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि एनएच-719 पर रात के वक्त मवेशी डिवाइडर और मुख्य मार्ग पर बैठ जाते हैं, जिससे तेज गति से चलने वाले वाहनों के चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाकर बाधित यातायात को सुचारू कराया और मामले में वैधानिक मर्ग व प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. यह सड़क हादसा भिंड जिले के किस इलाके में हुआ?
यह दुर्घटना भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले नेशनल हाईवे-719 पर गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास हुई।
2. हादसे में कितने लोगों की जान गई और कितने घायल हुए?
इस भीषण टक्कर में 8 लोगों की मृत्यु हुई है और 23 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार गोहद और ग्वालियर के अस्पतालों में चल रहा है।
3. पिकअप सवार लोग कहां से कहां जा रहे थे?
पिकअप में सवार सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान रोपाई का कार्य समाप्त कर अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले लौट रहे थे।
4. दुर्घटना का प्राथमिक कारण क्या बताया गया है?
पुलिस के अनुसार, रात के समय हाईवे पर बैठी गायों और मवेशियों को अचानक बचाने के फेर में तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।
