इंदौर के एमआर-9 चौराहे के पास स्थित शहनाई रेसिडेंसी में कन्या भोज के लिए गईं सात बच्चियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों ने एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षिका पर बच्चियों को चोरी के आरोप में पीटने, उनके कपड़े उतरवाने और कई घंटे तक कमरे में बंद रखने के आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद एमआईजी थाना पुलिस ने बच्चियों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गिफ्ट और पैसे देने का कहकर फ्लैट में बुलाने का आरोप
परिजनों और बच्चियों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, बच्चियां एमआर-9 चौराहे के पास शहनाई रेसिडेंसी में कन्या भोज के लिए गई थीं। वहां फ्लैट नंबर 303 में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता ने उन्हें अपने घर पर भी खाने के लिए बुलाया। आरोप है कि उन्हें गिफ्ट और पैसे देने की बात भी कही गई थी।
चोरी का आरोप लगाकर मारपीट करने की शिकायत
बच्चियों का आरोप है कि फ्लैट में पहुंचने के बाद महिला ने वहां रखे पैसे चोरी करने का आरोप लगाया। बच्चियों ने चोरी से इनकार किया, लेकिन कथित तौर पर उनकी बात नहीं सुनी गई और उनके साथ थप्पड़ मारकर मारपीट की गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बच्चियों के कपड़े उतरवाए गए और उन्हें प्रताड़ित किया गया। ये आरोप शिकायत और बच्चियों के बयानों से संबंधित हैं। मामले में किसी अंतिम पुलिस निष्कर्ष या न्यायिक निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
करीब चार घंटे कमरे में बंद रखने का आरोप
परिजनों के अनुसार, बच्चियों को करीब चार घंटे तक कमरे में बंद रखा गया था। आरोप है कि कमरे के दरवाजे पर ताला लगा दिया गया और चिल्लाने पर उन्हें घर नहीं जाने देने तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन बच्चियों को लेकर एमआईजी थाने पहुंचे। उन्होंने संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एमआईजी पुलिस ने दर्ज किए बच्चियों के बयान
एमआईजी थाना प्रभारी चंद्रभाल सिंह के मुताबिक, मामले में शिकायत मिली है। बच्चियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी में एफआईआर दर्ज होने, गिरफ्तारी या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं है।
नया बसेरा क्षेत्र में पढ़ा चुकी हैं रिटायर्ड शिक्षिका
शिकायत में जिस महिला का नाम सामने आया है, वह सरकारी स्कूल की रिटायर्ड शिक्षिका बताई गई हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने नया बसेरा क्षेत्र में करीब दस साल तक पढ़ाया था, जहां ये बच्चियां रहती हैं। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
