रीवा स्थित शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्टाइपेंड वृद्धि और विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद शासन स्तर से कोई लिखित आदेश जारी न होने के कारण छात्रों में रोष बढ़ रहा है।
स्टाइपेंड में बड़ा अंतर: आयुर्वेद को ₹9,383 तो एमबीबीएस को ₹21,500
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में अहम योगदान देने के बावजूद आयुर्वेद और एलोपैथी इंटर्न के मानदेय में भारी असमानता है। वर्तमान में राज्य के भीतर एमबीबीएस इंटर्न चिकित्सकों को 21,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि बीएएमएस इंटर्न को महज 9,383 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि इस विसंगति को समाप्त कर आयुर्वेद इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
छात्रों का तर्क है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पताल की ओपीडी, भर्ती वार्डों, इमरजेंसी सेवाओं और रात्रि कालीन ड्यूटी में पूर्ण निष्ठा के साथ सेवाएं देते हैं। ऐसे में समान कार्य और समान सेवा दायित्वों के बावजूद मानदेय में आधा से भी कम भुगतान न्यायसंगत नहीं है।
कॉलेज गेट पर डिग्रियां जलाईं, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन
मांगों की अनदेखी से नाराज छात्रों ने आंदोलन को तेज करते हुए कॉलेज के मुख्य द्वार पर अपनी डिग्रियों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद छात्र रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री, आयुष मंत्री तथा जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने स्टाइपेंड समानता के साथ-साथ प्रदेश के आयुष चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों की नियमित भर्ती और भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त विसंगतियों के स्थायी निराकरण की मांग भी रखी है।
16 अक्टूबर तक अल्टीमेटम, भोपाल वल्लभ भवन घेराव की तैयारी
आंदोलनरत इंटर्न चिकित्सकों ने राज्य सरकार को निर्णय लेने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय दिया है। छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्टाइपेंड बढ़ोतरी का स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तो वे भोपाल कूच करेंगे और मंत्रालय (वल्लभ भवन) के समक्ष महाआंदोलन करेंगे। इसके अलावा अस्पतालों में संपूर्ण कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
