लंबित वेतन के भुगतान के लिए मांगी गई थी रिश्वत
शिकायत के अनुसार, सीधी जिले के ग्राम लोही निवासी अशोक कुमार योगी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि वे बैकुंठपुर स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास क्रमांक-1 में रसोइया के पद पर कार्य करते हैं। उनके करीब 72 माह के वेतन का भुगतान लंबित था। इसमें से दो किस्तों में 1 लाख 92 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि लगभग एक लाख रुपये की राशि बाकी थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बकाया वेतन का भुगतान कराने के लिए मंडल संयोजक संजय सिंह चौहान से संपर्क किया गया। आरोप है कि इस काम के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में 40 हजार रुपये देने की बात सामने आई।
प्रभारी अधीक्षिका पर भी आरोप
शिकायत में कन्या शिक्षा परिसर सीधी की प्रभारी अधीक्षिका सुनीता पांडेय का नाम भी शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने भुगतान कराने के लिए रकम देने की बात कही थी और उनसे 10 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जानी है।
लोकायुक्त पुलिस ने ऐसे की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय ने उसका सत्यापन कराया। खबर के अनुसार, शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने योजना बनाकर 22 अक्टूबर को ट्रैप की कार्रवाई की। मंडल संयोजक संजय सिंह चौहान को कथित तौर पर 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस की टीम शामिल रही।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला
खबर में बताया गया है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित जांच एजेंसी और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
