नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पुनः हिरासत में ले लिया। दीपके सेंट्रल पार्क में आयोजित तिरंगा रैली में शामिल होने जा रहे थे। नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू है, जिसके तहत एक स्थान पर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
झंडेवालान में पुलिस से तीखी बहस, नोटिस के बाद भी निकले
कार्रवाई से पहले दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची थी, जहां अभिजीत दीपके ठहरे हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धारा 163 का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या रैली में शामिल न होने का कानूनी नोटिस थमाया। इस दौरान दीपके और पुलिस टीम के बीच तीखी बहस हुई।
दीपके ने पुलिस के सामने तर्क दिया कि यह कोई विरोध प्रदर्शन या राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि वे केवल सेंट्रल पार्क तक जाकर तिरंगा फहराना चाहते हैं। हालांकि, निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
6 दिनों के भीतर CJP के पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन
CJP नेताओं के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार रहा है:
| तारीख | घटनाक्रम एवं पुलिस कार्रवाई |
|---|---|
| 10 अक्टूबर | CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को दिल्ली में प्रदर्शन से पूर्व एयरपोर्ट पर विमान के भीतर से हिरासत में लिया गया। |
| 11 अक्टूबर | करीब 23 घंटे की हिरासत के पश्चात मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तीनों नेताओं को एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया। |
| 12 अक्टूबर | प्रशासन ने जंतर-मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का आदेश जारी किया और रामलीला मैदान सहित 3 नए स्थल तय किए। |
| 13 अक्टूबर | आशुतोष रांका और सौरव दास तिरंगा लेकर जंतर-मंतर परिसर में दाखिल हुए, जहां से पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। |
| 14 अक्टूबर | दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया। |
| 16 अक्टूबर | सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने जा रहे संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने झंडेवालान से हिरासत में लिया। |
कनॉट प्लेस और नई दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नई दिल्ली क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत सभा या जमावड़े को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा लागू रहने तक बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी।
