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[ब्रेकिंग न्यूज़]Gangster Himanshu Bhau Arrest: भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार; 17 की उम्र में अपराधी बना, लॉरेंस गैंग से दुश्मनी

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हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की अमेरिका में हिरासत से जुड़ी खबर
भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर है।

मुख्य बिंदुQuick Read

  • भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित हिमांशु भाऊ को अमेरिका के लास वेगास क्षेत्र में हिरासत में लिया गया।
  • उसके सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ा है।
  • दोनों के अमेरिकी इमिग्रेशन हिरासत में होने की रिपोर्ट है; भारत वापसी की प्रक्रिया पर एजेंसियां संपर्क में हैं।
  • हिमांशु भाऊ के खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था।

भारत-अमेरिका: भारत में कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। उसके सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया है। दोनों को 22 अक्टूबर को लास वेगास क्षेत्र में हिरासत में लिए जाने की खबर है। 24 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, दोनों अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की हिरासत में हैं। भारतीय एजेंसियां उन्हें भारत वापस लाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।

हिमांशु भाऊ दिल्ली और हरियाणा पुलिस की वांछित सूची में रहा है। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं। उसके गिरोह का नाम दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कई आपराधिक घटनाओं की जांच के दौरान सामने आया है। हालांकि, किसी मामले में आरोप दर्ज होना और अदालत में दोष सिद्ध होना अलग-अलग बातें हैं।

अमेरिका में कैसे पकड़ा गया हिमांशु भाऊ?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय एजेंसियां लंबे समय से हिमांशु भाऊ की तलाश कर रही थीं। दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमों ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर अमेरिका में उसकी लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। इसके बाद संबंधित जानकारी अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की गई।

रिपोर्टों में गिरफ्तारी की कार्रवाई में अमेरिकी एजेंसियों की भूमिका का उल्लेख है। वहीं, 24 अक्टूबर की अन्य रिपोर्टों में हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) की हिरासत में बताया गया है। दोनों की हिरासत और आगे की कानूनी प्रक्रिया से संबंधित विवरण अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई के अधीन हैं।

भारत वापस लाने की प्रक्रिया पर नजर

हिमांशु भाऊ के पकड़े जाने के बाद अब भारतीय एजेंसियों की कोशिश उसे भारत लाकर यहां दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की होगी। रिपोर्टों के मुताबिक, हरियाणा एसटीएफ अमेरिकी अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है।

अमेरिका में हिरासत में लिए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसे भारत प्रत्यर्पित या डिपोर्ट कर दिया गया है। उसे भारत लाने के लिए लागू कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उपलब्ध रिपोर्टों में भारत वापसी की अंतिम तारीख या प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं की गई है।

हिमांशु भाऊ कौन है?

हिमांशु भाऊ का वास्तविक नाम हिमांशु रिटोलिया बताया गया है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का निवासी है। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, आपराधिक धमकी और अन्य मामलों में कार्रवाई की मांग की जा रही थी। कुछ रिपोर्टों में उसके नाम से अलग पहचान और दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी उल्लेख है।

हिमांशु भाऊ का नाम हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के साथ जोड़ा जाता रहा है। जांच एजेंसियों के आरोपों के अनुसार, उसका गिरोह कारोबारियों और अन्य लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने तथा गोलीबारी के जरिए डर पैदा करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया में होगा।

2022 में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के बाद चर्चा में आया

हिमांशु भाऊ का नाम 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं के बाद व्यापक रूप से चर्चा में आया था। जांच एजेंसियों ने उसके नेटवर्क को कई हिंसक घटनाओं से जोड़कर देखा। उसके खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर मामलों में कार्रवाई की मांग की गई।

अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या अलग बताई गई है। इसलिए सभी मामलों की एक निश्चित कुल संख्या बताने के बजाय यह कहना अधिक सटीक है कि वह हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामलों में वांछित रहा है।

इंटरपोल ने 2023 में जारी किया था रेड नोटिस

हिमांशु भाऊ के खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस का उद्देश्य सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी प्रक्रिया के लिए उसकी अस्थायी गिरफ्तारी में मदद लेना है।

रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। संबंधित देश में किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई वहां के कानून और सक्षम अधिकारियों की प्रक्रिया के अनुसार होती है। इसलिए इंटरपोल नोटिस जारी होने और अमेरिका में हिरासत में लिए जाने को अलग-अलग कानूनी चरणों के रूप में समझना चाहिए।

एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग से भी जुड़ा नाम

2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में भी हिमांशु भाऊ के गिरोह का नाम सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार, गिरोह ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। इस मामले में आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों को संबंधित पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

इसके अलावा, दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या और दिल्ली-एनसीआर में कारोबारी प्रतिष्ठानों के बाहर गोलीबारी जैसी घटनाओं में भी उसके कथित नेटवर्क का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों ने गिरोह से जुड़े लोगों और घटनाओं के बीच संबंधों की जांच की है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दुश्मनी की चर्चा

हिमांशु भाऊ को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े नेटवर्क का प्रतिद्वंद्वी बताया जाता रहा है। मीडिया रिपोर्टों में उसके नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से जुड़े लोगों के साथ संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, गिरोहों के बीच संबंध और प्रतिद्वंद्विता से जुड़े दावों को जांच एजेंसियों की जानकारी और विशिष्ट मामलों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेश में रहते हुए भी कुछ कथित गैंग नेटवर्क भारत में धमकी, रंगदारी और हिंसक घटनाओं से जुड़े रहे हैं। हिमांशु भाऊ के मामले में भी अब अमेरिकी हिरासत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

नीरज फरीदपुरिया भी अमेरिकी हिरासत में

हिमांशु भाऊ के साथ नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर है। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम नीरज कौशिक बताया गया है। भारतीय एजेंसियां उसे भी वापस लाने की प्रक्रिया के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।

दोनों की भारत वापसी, संबंधित मामलों में उनकी स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में अंतिम जानकारी सक्षम अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क
विशेष संवाददाता • The City Express

मध्य प्रदेश, विंध्य, बुंदेलखंड और राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर द सिटी एक्सप्रेस की विशेष रिपोर्टिंग टीम।

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