दिसंबर से मार्च तक किन ट्रेनों पर पड़ेगा असर?
सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में घना कोहरा रेल यातायात को प्रभावित करता है। इसी वजह से रेलवे कुछ ट्रेनों को पूरे सीजन के लिए रद्द करता है, जबकि कुछ के फेरे कम किए जाते हैं या उनके संचालन में आंशिक बदलाव किया जाता है। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, इस सर्दी में कुल 46 ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें पूरी तरह रद्द होने वाली, कम फेरे चलने वाली और आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें शामिल हैं। रिपोर्ट पढ़ें।
16 ट्रेनों की सूची और रद्द रहने की संभावित अवधि
नीचे दी गई तारीखें उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में प्रकाशित जानकारी पर आधारित हैं। रेलवे की ओर से अंतिम पुष्टि के लिए संबंधित ट्रेन नंबर और तारीख की जांच जरूर करें।
| ट्रेन या रूट | बताई गई अवधि |
|---|---|
| अंबाला कैंट – बरौनी | 1 दिसंबर – 27 फरवरी |
| मॉडल टाउन एक्सप्रेस | 5 दिसंबर – 2 मार्च |
| काठगोदाम – कानपुर सेंट्रल | 7 दिसंबर – 1 मार्च |
| बरौनी – अंबाला कैंट | 3 दिसंबर – 1 मार्च |
| गरीब रथ (जम्मू तवी – काठगोदाम) | 6 दिसंबर – 28 फरवरी |
| कानपुर सेंट्रल – काठगोदाम | 8 दिसंबर – 2 मार्च |
| अमृतसर – लालकुआं | 5 दिसंबर – 27 फरवरी |
| योगनगरी ऋषिकेश – जम्मू तवी | 7 दिसंबर – 1 मार्च |
| नई दिल्ली – मॉडल टाउन | 3 दिसंबर – 28 फरवरी |
| अमृतसर – पूर्णिया कोर्ट | 1 दिसंबर – 28 फरवरी |
| अमृतसर – टाटानगर | 4 दिसंबर – 26 फरवरी |
| गरीब रथ (काठगोदाम – जम्मू तवी) | 8 दिसंबर – 2 मार्च |
| टाटानगर एक्सप्रेस | 2 दिसंबर – 24 फरवरी |
| लालकुआं – अमृतसर | 5 दिसंबर – 27 फरवरी |
| पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस | 3 दिसंबर – 2 मार्च |
| जम्मू तवी – योगनगरी ऋषिकेश | 6 दिसंबर – 28 फरवरी |
रेलवे ने सर्दियों में ट्रेनों के संचालन में बदलाव क्यों किया?
दिसंबर से फरवरी के बीच उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में घना कोहरा छा जाता है। कम दृश्यता के कारण ट्रेनें धीमी गति से चल सकती हैं और उनके समय पर पहुंचने में देरी हो सकती है। रेलवे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्दियों में ट्रेनों के संचालन की योजना बनाता है। इसके तहत कुछ ट्रेनें रद्द की जाती हैं, कुछ के फेरे घटाए जाते हैं और कुछ के रूट या संचालन में आंशिक बदलाव हो सकता है।
टिकट बुक करने से पहले ऐसे चेक करें ट्रेन का स्टेटस
- रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर ट्रेन नंबर या नाम से स्थिति जांचें।
- यात्रा की तारीख डालकर देखें कि ट्रेन उस दिन चल रही है या नहीं।
- जरूरत पड़ने पर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से जानकारी लें।
- अगर टिकट पहले से बुक है, तो यात्रा से पहले ट्रेन के स्टेटस और रेलवे से मिलने वाले संदेशों की जांच करें।
यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि किसी ट्रेन के प्रभावित होने का मतलब हर स्थिति में पूरे सीजन के लिए उसका पूरी तरह रद्द होना नहीं है। कुछ सेवाओं में केवल चुनिंदा दिनों के फेरे या रूट का हिस्सा प्रभावित हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।
