सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना अंतर्गत खड्डी चौकी पुलिस ने जहाँ मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई, वहीं एक ई रिक्शा चालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। भारतीय सेना में पदस्थ एक हवलदार का रास्ते में गिरा करीब 5 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा ट्रॉली बैग पुलिस ने चंद घंटों के भीतर तलाश कर सकुशल फरियादी को वापस दिलवा दिया।
श्रीनगर से लौटते वक्त शिकारगंज में खुला कार का बूट
जानकारी के अनुसार, खड्डी चौकी क्षेत्र के ग्राम खैरा निवासी अमरकांत द्विवेदी सेना में हवलदार के पद पर पदस्थ हैं। वे 13 अक्टूबर को अपनी पत्नी और परिवार के साथ निजी कार से श्रीनगर से अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। रास्ते में ग्राम शिकारगंज के समीप सड़क पर झटका लगने से कार की डिक्की अचानक खुल गई और उसमें रखा लाल रंग का ट्रॉली बैग सड़क पर गिर गया। बैग के भीतर परिवार के कीमती सोने-चांदी के जेवरात और कपड़े रखे हुए थे।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा ई-रिक्शा, रीवा के चालक तक पहुंची टीम
घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी एएसआई नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई। पुलिस ने शिकारगंज बैरियर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के विश्लेषण में घटना के समय वहां से एक ई-रिक्शा गुजरता हुआ दिखाई दिया।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि उक्त ई-रिक्शा ग्राम मोरा की ओर रवाना हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर ई-रिक्शा चालक संदीप यादव (निवासी शिवपुरवा, जिला रीवा) से संपर्क साधा। पूछताछ में चालक ने सड़क से बैग मिलने की बात स्वीकार की और बिना किसी देरी के पूरा बैग पुलिस के हवाले कर दिया।
फरियादी को सौंपा सामान, पुलिस अधीक्षक ने टीम को सराहा
पुलिस ने उपस्थित गवाहों के समक्ष बैग की पड़ताल की और उसमें रखे 5 लाख रुपये के जेवरात सहित सारा सामान फरियादी अमरकांत द्विवेदी को सुपुर्द कर दिया। अपना खोया हुआ सामान सुरक्षित पाकर सैन्य जवान और उनके परिवार ने सीधी पुलिस का आभार व्यक्त किया।
इस त्वरित कार्रवाई में एएसआई नीरज कुमार, आरक्षक रविन्द्र सिंह, चालक सोनू साकेत और पूर्व सरपंच दीपक सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सीधी के पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने पूरी टीम की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।
