भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुरुष क्रिकेट टीम की चयन समिति में बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह अजित अगरकर की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पवार को भी चयन समिति में शामिल किया गया है। BCCI ने 19 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक घोषणा में नई समिति के सदस्यों के नाम बताए।
पांच सदस्यीय चयन समिति में कौन-कौन शामिल?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की नई चयन समिति में पांच सदस्य होंगे। BCCI की घोषणा के अनुसार, समिति की संरचना इस प्रकार है:
- प्रज्ञान ओझा: अध्यक्ष
- शिव सुंदर दास: सदस्य
- आरपी सिंह: सदस्य
- अजय रात्रा: सदस्य
- रमेश पवार: सदस्य
बोर्ड ने बताया कि सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने के आधार पर प्रज्ञान ओझा को समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है। अजित अगरकर का चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया था। BCCI ने उनके योगदान के लिए आभार भी जताया।
प्रज्ञान ओझा चीफ सिलेक्टर चुने जाने की 3 वजह
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पहले से जिम्मेदारी संभाल रहे थे
अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने के बाद ओझा अंतरिम अध्यक्ष बने थे। इससे वे टीम चयन की प्रक्रिया और मौजूदा चयनकर्ताओं के कामकाज से पहले से परिचित थे।
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टेस्ट मैचों का अनुभव
ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट खेले हैं। मौजूदा चयनकर्ताओं में वे सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने वाले सदस्यों में शामिल हैं। चयन समिति के अध्यक्ष के लिए टेस्ट मैचों का अनुभव एक अहम आधार रहा है।
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पार्थिव पटेल ने आवेदन नहीं किया
पार्थिव पटेल को इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कमेंट्री और IPL से जुड़े कामकाज इसकी वजह हो सकते हैं। इससे ओझा की दावेदारी मजबूत हुई।
प्रज्ञान ओझा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर
प्रज्ञान ओझा बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने भारतीय टीम के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा सफलता मिली।
- टेस्ट: 24 मैच, 113 विकेट
- वनडे: 18 मैच, 21 विकेट
- टी-20 अंतरराष्ट्रीय: 6 मैच, 10 विकेट
टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 47 रन देकर 6 विकेट रहा। घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी ओझा ने लंबा करियर बनाया और 100 से ज्यादा मैच खेले। उन्होंने IPL में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व किया।
रमेश पवार को चयन समिति में जगह क्यों मिली?
रमेश पवार भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग में भी काम किया। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी दो अलग-अलग कार्यकालों में संभाल चुके हैं। इसके अलावा, वह मुंबई और गुजरात की टीमों के साथ भी कोचिंग भूमिकाओं में रहे हैं।
BCCI के मुताबिक, पवार की नियुक्ति के लिए क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (CAC) ने चयन प्रक्रिया पूरी की। इस कमेटी में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। कमेटी ने BCCI मुख्यालय में आवेदनकर्ताओं की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए और इसके बाद पवार के नाम की सर्वसम्मति से सिफारिश की।
मिताली राज के साथ विवाद को लेकर चर्चा में रहे थे पवार
रमेश पवार का भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच के रूप में कार्यकाल 2018 के टी-20 विश्व कप के दौरान विवादों में रहा था। उस समय अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किए जाने के बाद विवाद बढ़ा था। मिताली ने पवार पर भेदभाव और अपमानित करने जैसे आरोप लगाए थे। यह उस समय भारतीय महिला क्रिकेट से जुड़ा प्रमुख विवाद बना था।
अब चयन समिति के सामने क्या जिम्मेदारी होगी?
नई चयन समिति की जिम्मेदारी भारतीय पुरुष टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन करना, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन का आकलन करना तथा आगामी सीरीज और टूर्नामेंट के लिए टीम संयोजन पर फैसला लेना होगा। चयनकर्ताओं के निर्णयों में खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म, फिटनेस, टीम की जरूरत और उपलब्ध विकल्प अहम भूमिका निभाएंगे।
प्रज्ञान ओझा के अध्यक्ष बनने और रमेश पवार के शामिल होने के बाद समिति की नई संरचना तय हो गई है। आने वाले चयन फैसलों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति अलग-अलग प्रारूपों के लिए खिलाड़ियों का संतुलन किस तरह तय करती है।
