TCE भोपाल/एमपी डेस्क। मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक, विनिर्माण और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BICP) के अंतर्गत मध्य प्रदेश में पहले चरण के तहत 11 नए आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन सभी परियोजनाओं के तहत कुल 9,047 एकड़ क्षेत्र में उच्चस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना स्थापित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 8,144.35 करोड़ रुपये होगी। इन पार्कों को पूरी तरह 'निवेश-तैयार' (Investment-Ready) और 'प्लग-एंड-प्ले' (Plug-and-Play) मॉडल पर तैयार किया जाएगा ताकि वैश्विक और घरेलू निवेशक बिना किसी देरी के अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें।
नई दिल्ली में एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में रखा गया विजन
सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की सर्वोच्च एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश का समग्र औद्योगिक विजन और आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
यह बैठक केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री तथा अथॉरिटी की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की तेज आर्थिक प्रगति, रणनीतिक औद्योगिक गलियारों के निर्माण और बहु-आयामी निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मालवा से विंध्य और बुंदेलखंड तक: इन 11 क्षेत्रों में बनेंगे हाई-टेक पार्क
राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास की इस योजना को तैयार करते समय राज्य के सभी प्रमुख भौगोलिक और आर्थिक क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया है। पहले चरण के अंतर्गत चयनित 11 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन): धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
- भेंसोला (धार): इसे अत्याधुनिक मेगा टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जो धार में स्थित भारत के सबसे बड़े 'पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क' (PM MITRA Park) के विस्तार के रूप में कार्य करेगा और कपास से लेकर परिधान निर्माण तक पूरी वैल्यू चेन को समाहित करेगा।
- पिपलरावां-पालीकालन (देवास-शाजापुर): मालवा क्षेत्र के इस जंक्शन पर इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्लस्टर स्थापित होगा।
- रतलाम-पलसोड़ी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के समीप लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण आधारित औद्योगिक क्षेत्र।
- आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर (सीहोर): भोपाल-इंदौर आर्थिक कॉरिडोर के मध्य स्थित रणनीतिक केंद्र।
- मसवासी ग्रांट (सागर): बुंदेलखंड अंचल में रोजगार और भारी उद्योगों को गति देने वाला प्रमुख केंद्र।
- चैनपुरा (गुना): ग्वालियर-चंबल संभाग से जुड़ा नया विकास हब।
- मोहना (ग्वालियर): रक्षा, भारी इंजीनियरिंग और विनिर्माण इकाइयों के लिए आदर्श केंद्र।
- धरमपुरा (जबलपुर): महाकोशल क्षेत्र में रक्षा उपकरण, इंजीनियरिंग और आईटी उद्योगों का नया केंद्र।
- सिमरा (कटनी): खनिज आधारित, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्लस्टर।
- शिवसागर (रीवा): विंध्य क्षेत्र के आर्थिक कायाकल्प और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु आधुनिक औद्योगिक पार्क।
फार्मा, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
इन 11 औद्योगिक पार्कों की संरचना बहु-क्षेत्रीय (Multi-Sectoral) आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। जहां धार का भेंसोला क्षेत्र टेक्सटाइल और अपैरल का सिरमौर बनेगा, वहीं अन्य पार्कों में फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपोनेंट्स, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन, एयरोस्पेस और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ी इकाइयों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल के अंतर्गत निवेशकों को सड़क, 24x7 बिजली-पानी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), वेयरहाउसिंग और प्रशासनिक स्वीकृतियों की एकल खिड़की व्यवस्था सीधे उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उद्योग बहुत कम समय में परिचालन शुरू कर सकेंगे।
GIS 2025 के 30% निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बीते वर्ष को औपचारिक रूप से ‘रोजगार एवं उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025' (GIS 2025) के दौरान राज्य को प्राप्त हुए लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश प्रस्तावों में से करीब 30 प्रतिशत प्रस्ताव अब जमीनी स्तर पर क्रियान्वित होना शुरू हो चुके हैं। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का भरोसा मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, स्थिर शासन और अनुकूल व्यापारिक माहौल (Ease of Doing Business) पर लगातार मजबूत हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मध्य प्रदेश में 11 नए औद्योगिक पार्कों की कुल लागत और क्षेत्रफल कितना है?
इन 11 औद्योगिक पार्कों को 9,047 एकड़ भूमि पर 8,144.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाना प्रस्तावित है।
2. ये औद्योगिक पार्क किस केंद्रीय योजना के तहत बनाए जा रहे हैं?
ये पार्क केंद्र सरकार की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BICP) के प्रथम चरण के अंतर्गत विकसित किए जा रहे हैं।
3. धार के भेंसोला में किस प्रकार का विशेष औद्योगिक पार्क बनेगा?
धार के भेंसोला में टेक्सटाइल पार्क स्थापित होगा, जो देश के सबसे बड़े 'पीएम मित्र पार्क' के विस्तार के रूप में कार्य करेगा और संपूर्ण वस्त्र उद्योग श्रृंखला को जोड़ेगा।
4. विंध्य और बुंदेलखंड के किन जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है?
विंध्य क्षेत्र से रीवा (शिवसागर) और कटनी (सिमरा) तथा बुंदेलखंड क्षेत्र से सागर (मसवासी ग्रांट) को इस 11 पार्कों की योजना में शामिल किया गया है।
