TCE भोपाल/एमपी डेस्क। मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोरदार रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए नए और मजबूत मौसमी सिस्टम के चलते प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के 13 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से विंध्य और महाकोशल अंचल के तीन जिलों—सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' प्रभावी किया गया है, जहां अगले 24 घंटों के भीतर 4 से 8 इंच तक भारी पानी गिरने की संभावना है।
पूर्वी से पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा मानसूनी सिस्टम
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम का असर अगले दो दिनों तक प्रमुख रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभागों में सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। इसके पश्चात यह स्ट्रॉन्ग सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग की ओर शिफ्ट होगा।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, प्रदेश भर में 15 से 21 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहने के बाद पश्चिमी हिस्से में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की जाएगी।
इन 13 जिलों में अलर्ट, 3 में ऑरेंज और 11 में भारी बारिश
मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, भारी वर्षा वाले क्षेत्रों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: सीधी, मऊगंज और डिंडौरी जिलों में 4 से 8 इंच तक तेज बारिश का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
- भारी बारिश का अलर्ट: सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
भोपाल, इंदौर और ग्वालियर-चंबल समेत बाकी जिलों का हाल
मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी स्थानीय बादलों और सिस्टम के प्रभाव से तेज और हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है।
भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में 17, 18 और 19 अगस्त को विशेष रूप से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अब तक औसत से 12 प्रतिशत कम वर्षा, पूर्वी हिस्से में बड़ा घाटा
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में चालू मानसून सीजन में अब तक कुल 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, यह आंकड़ा इस समय तक की सामान्य औसत बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) के मुकाबले करीब 3 इंच कम है। समग्र रूप से राज्य में सामान्य से 12% कम बारिश हुई है।
क्षेत्रीय आंकड़ों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 6% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक का घाटा दर्ज किया गया है।
43 जिलों में सामान्य से कम, केवल 12 जिलों में अधिक बारिश
राज्य के कुल 43 जिलों में मानसूनी बारिश का कोटा अभी भी पिछड़ा हुआ है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 2% से लेकर 54% तक कम वर्षा हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, शाजापुर, शिवपुरी, विदिशा और रायसेन सहित 20 जिलों में 1% से 48% तक कम पानी गिरा है।
इसके विपरीत केवल 12 जिले—भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन—ऐसे हैं जहां अब तक औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। नए सक्रिय सिस्टम से कम बारिश वाले जिलों में राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मध्य प्रदेश के किन जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है?
मौसम विभाग ने सीधी, मऊगंज और डिंडौरी जिले में 4 से 8 इंच तक अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
2. मध्य प्रदेश में वर्तमान मानसूनी सिस्टम का मुख्य कारण क्या है?
बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत मानसूनी वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हुआ है।
3. प्रदेश में अब तक सामान्य से कितनी कम या ज्यादा बारिश हुई है?
मध्य प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य औसत 24.4 इंच के मुकाबले 3 इंच कम यानी ओवरऑल 12 प्रतिशत कम है।
4. भोपाल और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज बारिश कब तक होगी?
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में 17, 18 और 19 अगस्त के दौरान तेज बारिश का अलर्ट है।
