मंदसौर। मध्य प्रदेश में नशे की अवैध तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी बरामदगी की है। विभाग की मध्य प्रदेश इकाई ने कुल 4,209.80 किलोग्राम पोस्ता भूसा (पॉपी स्ट्रॉ) जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान एक कंटेनर ट्रक, एक टाटा ट्रक और गेहूं की 100 बोरियां भी जब्त की गई हैं। दोनों मामलों में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अनुसार, दोनों कार्रवाइयां खुफिया जानकारी के आधार पर की गईं। एक मामले में हरियाणा नंबर के कंटेनर ट्रक से प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई, जबकि दूसरे मामले में राजस्थान नंबर के टाटा ट्रक में गेहूं की बोरियों के नीचे पोस्ता भूसा छिपाकर ले जाया जा रहा था। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
दो कार्रवाइयों में 4,209.80 किलो पोस्ता भूसा जब्त
CBN की मध्य प्रदेश इकाई ने बीते सप्ताह दो अलग-अलग ऑपरेशन किए। विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों मामलों में जब्त पोस्ता भूसे की कुल मात्रा 4,209.80 किलोग्राम है। कार्रवाई के दौरान दो ट्रक जब्त किए गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
विभाग ने बताया कि जब्त सामग्री के स्रोत, इसे कहां पहुंचाया जाना था और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है। अभी तक जारी आधिकारिक जानकारी में संभावित प्राप्तकर्ताओं या पूरे नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
उदयपुर–चित्तौड़गढ़ हाईवे पर कंटेनर ट्रक से 929 किलो बरामद
पहली कार्रवाई 5 अक्टूबर 2026 को की गई। खुफिया जानकारी मिलने के बाद CBN नीमच के अधिकारियों ने उदयपुर–चित्तौड़गढ़ हाईवे पर हरियाणा नंबर के एक कंटेनर ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी के दौरान 929.08 किलोग्राम पोस्ता भूसा बरामद हुआ।
आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, बरामद सामग्री में लांस्ड पोस्ता भूसा, अनलांस्ड पोस्ता भूसा (UPS) और पोस्ता भूसे का पाउडर शामिल था। इसे अलग-अलग रंगों की 39 प्लास्टिक बोरियों के नीचे छिपाया गया था। अधिकारियों ने कंटेनर ट्रक और बरामद सामग्री जब्त कर ली। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
मंदसौर में गेहूं की 100 बोरियों के नीचे छिपाया था माल
दूसरी कार्रवाई 9 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में गांधीसागर–भानपुरा मार्ग पर की गई। CBN के अधिकारियों ने राजस्थान नंबर के एक टाटा ट्रक को रोका। इसके बाद गरोठ स्थित CBN कार्यालय में वाहन की विस्तृत तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान 3,280.72 किलोग्राम पोस्ता भूसा बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रक में इसे गेहूं की 100 बोरियों के नीचे छिपाया गया था। गेहूं की बोरियों को ढकाव वाले माल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि ट्रक में ले जाई जा रही सामग्री की पहचान छिपी रहे।
इस कार्रवाई में पोस्ता भूसा, टाटा ट्रक और गेहूं की 100 बोरियां जब्त की गईं। ट्रक में मौजूद दोनों लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह दूसरी कार्रवाई में दो और पहली कार्रवाई में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई। दोनों मामलों में कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या तीन है।
दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने बताया कि दोनों मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त सामग्री और वाहनों को विभाग ने अपने कब्जे में लिया है।
पोस्ता भूसा अफीम के पौधे से संबंधित सामग्री है। इस तरह की सामग्री की वैधता और उसके परिवहन पर लागू नियम परिस्थितियों तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। इस मामले में CBN ने बरामद सामग्री को अपनी कार्रवाई के तहत जब्त किया है।
तस्करी के स्रोत और नेटवर्क की जांच जारी
CBN के अनुसार, दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जब्त सामग्री कहां से लाई गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और इसके परिवहन या तस्करी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल विभाग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का नाम, सामग्री का अंतिम गंतव्य या गिरफ्तार लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इन पहलुओं पर जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
नशे की अवैध तस्करी रोकने पर CBN का जोर
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने कहा है कि वह नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन, दुरुपयोग और गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई तथा जागरूकता संबंधी प्रयास जारी रखे हुए है। विभाग ने नशामुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
मध्य प्रदेश इकाई की इन दो कार्रवाइयों में कुल 4.2 टन से अधिक पोस्ता भूसा जब्त किया गया है। अब जांच का प्रमुख हिस्सा सामग्री के स्रोत, संभावित प्राप्तकर्ताओं और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है।
