रीवा जिले में अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास के मामलों में प्रशासन की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। कृषि भूमि का डायवर्सन कराए बिना छोटे-छोटे भूखंड काटकर बेचने और कॉलोनी विकसित करने के मामलों की जांच की तैयारी है। कोठा और भुंडहा के बाद दूसरे क्षेत्रों में विकसित कॉलोनियां भी जांच के दायरे में आ सकती हैं।
शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला प्लॉटिंग का कारोबार
रीवा शहर के साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कृषि भूमि पर प्लॉटिंग के मामले सामने आते रहे हैं। जिवला, भुंडहा, जोरी, बदरांव, खाम्ह, खुड्डी, रीठी, रमनई, रायपुर कर्चुलियान, अगडाल, रतहरा और इटौरा सहित कई क्षेत्रों में जमीन को छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने की शिकायतों का जिक्र है।
ऐसे मामलों में यह जांचना जरूरी है कि जमीन का उपयोग आवासीय उद्देश्य के लिए करने की अनुमति ली गई थी या नहीं और कॉलोनी विकास से संबंधित जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त की गई थीं या नहीं।
बिना डायवर्सन और अनुमति के प्लॉटिंग पर सवाल
कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में बदलने के लिए लागू नियमों के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होता है। इसके साथ ही कॉलोनी विकसित करने के लिए संबंधित प्राधिकारी की अनुमति और अन्य वैधानिक शर्तों का पालन भी जरूरी हो सकता है। केवल जमीन को छोटे भूखंडों में बांटकर बेच देना कॉलोनी विकास की सभी कानूनी शर्तें पूरी होने का प्रमाण नहीं है।
प्रशासन की जांच में जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, डायवर्सन, कॉलोनी विकास की अनुमति और भूखंडों की बिक्री से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
बुनियादी सुविधाओं की कमी भी जांच का विषय
अवैध रूप से विकसित की गई कॉलोनियों में सड़क, पेयजल, बिजली और जल निकासी जैसी सुविधाओं की कमी की शिकायतें भी सामने आती हैं। नियमानुसार विकसित कॉलोनी में आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था और स्वीकृतियों का पालन महत्वपूर्ण होता है। इन पहलुओं की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि संबंधित कॉलोनी में नियमों का पालन किया गया है या नहीं।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो सकती है कार्रवाई
अवैध कॉलोनी के मामलों में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, नगर एवं ग्राम निवेश से जुड़े नियमों और पंचायत संबंधी कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित मामले में कौन-सी कार्रवाई लागू होगी, यह जमीन की स्थिति, क्षेत्राधिकार, उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।
जमीन खरीदने वालों के लिए भी यह जरूरी है कि वे भूखंड की रजिस्ट्री से पहले भूमि उपयोग, डायवर्सन, कॉलोनी विकास की अनुमति, पहुंच मार्ग और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लें।
प्लॉट खरीदने से पहले इन दस्तावेजों की जांच करें
- जमीन का खसरा और वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड देखें।
- आवासीय उपयोग के लिए जरूरी डायवर्सन की स्थिति जांचें।
- कॉलोनी विकास की स्वीकृति और संबंधित अनुमति की पुष्टि करें।
- स्वीकृत लेआउट, रास्ते और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लें।
- संदेह होने पर संबंधित राजस्व कार्यालय या सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि करें।
