रीवा नवरात्रि 2026: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। रानी तालाब स्थित मां कालिका मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की कतारें लगीं। मंदिर में दर्शन के लिए पुलिस के 25 जवान तैनात किए गए।
रीवा में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही रविवार सुबह से भक्तिमय माहौल नजर आया। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल रानी तालाब स्थित मां कालिका मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर के पट सुबह 3:30 बजे खोल दिए गए थे, जबकि सुबह 4 बजे से भक्तों की कतारें लग गईं।
श्रद्धालु कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। मां कालिका के दर्शन कर भक्त परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के 25 जवान तैनात किए गए हैं।
रानी तालाब मंदिर में सुबह से पहुंच रहे श्रद्धालु
रीवा का रानी तालाब स्थित मां कालिका मंदिर शहर के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। नवरात्रि के पहले दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
श्रद्धालु कतार में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे हैं। भीड़ को व्यवस्थित रखने और भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। भक्त पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।
शहर के मोहल्लों में स्थापित हुईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं
नवरात्रि को लेकर रीवा शहर के विभिन्न मोहल्लों और बस्तियों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पूजा पंडालों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। पंडालों को सजाया गया है और श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
घरों में भी भक्तों ने घटस्थापना कर नवरात्रि की पूजा शुरू की। कई परिवार नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करेंगे।
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। भक्त माता को पुष्प, फल और प्रसाद अर्पित कर सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान पूजा-पाठ, आरती और मंत्र जाप का विशेष महत्व माना जाता है।
नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में अष्टमी और नवमी पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद विजयादशमी पर दशहरा मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान रीवा के मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहने की उम्मीद है।
