ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाने सुनना, स्पीकर पर वीडियो चलाना या जोर-जोर से बात करना दूसरे यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे व्यवहार को लेकर रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों को सफर के दौरान शोर न करने और दूसरे लोगों की सुविधा का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
रेलवे यात्रा के दौरान कुछ अन्य नियमों का उल्लंघन भी महंगा पड़ सकता है। इनमें महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश, गंदगी फैलाना और ऐसा व्यवहार करना शामिल है जिससे सहयात्रियों को परेशानी हो। हालांकि, हर मामले में जुर्माने और सजा का प्रावधान अलग हो सकता है।
ट्रेन में तेज आवाज में गाना बजाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
अगर कोई यात्री मोबाइल के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने सुनता है, वीडियो चलाता है या लगातार शोर करके दूसरे यात्रियों को परेशान करता है, तो रेलवे कर्मचारी से शिकायत की जा सकती है। मामले की परिस्थितियों के आधार पर रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
रेलवे अधिनियम में यात्रियों को परेशान करने वाले उपद्रव और अनुचित व्यवहार के लिए प्रावधान हैं। कार्रवाई की प्रकृति इस बात पर निर्भर करेगी कि घटना में किस नियम का उल्लंघन हुआ है। इसलिए केवल तेज आवाज में गाना बजाने पर हर स्थिति में जेल होने का दावा करना सही नहीं है।
महिला कोच में घुसने पर ₹2,500 तक जुर्माना
महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोच या स्थान में बिना वैध कारण प्रवेश करना पुरुष यात्री के लिए दंडनीय हो सकता है। रेलवे अधिनियम की धारा 162 में किए गए संशोधन के तहत ऐसे मामले में ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यात्री का टिकट या पास जब्त किया जा सकता है और रेलवे कर्मचारी उसे आरक्षित कोच से हटा सकता है।
यदि संबंधित व्यक्ति जुर्माना देने से इनकार करता है, तो मामला सक्षम अदालत में जा सकता है। ऐसे मामलों में अदालत के आदेश और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई होती है।
ट्रेन में गंदगी फैलाने और अनुशासन तोड़ने से बचें
ट्रेन और रेलवे परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है। कचरा फैलाने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने या दूसरे यात्रियों की यात्रा में बाधा डालने पर संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है। जुर्माने की राशि घटना और लागू प्रावधान पर निर्भर करती है।
यात्रियों को चाहिए कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर डालें, मोबाइल पर बातचीत धीमी आवाज में करें और गाने सुनने के लिए इयरफोन का इस्तेमाल करें। किसी यात्री के व्यवहार से परेशानी होने पर विवाद बढ़ाने के बजाय रेलवे कर्मचारी या रेलवे सुरक्षा बल से मदद मांगी जा सकती है।
शिकायत कहां करें?
ट्रेन में शोर, अनुचित व्यवहार या अन्य समस्या होने पर यात्री रेलवे के आधिकारिक शिकायत माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। रेल मदद सेवा या हेल्पलाइन 139 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का विकल्प उपलब्ध है। शिकायत करते समय ट्रेन नंबर, कोच और समस्या की जानकारी देना उपयोगी रहेगा।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
रेल यात्रा में नियमों का पालन करना जरूरी है। तेज आवाज में गाना बजाने या दूसरे यात्रियों को परेशान करने पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन जुर्माना, टिकट जब्ती, ट्रेन से उतारने या जेल जैसी कार्रवाई हर मामले में एक जैसी नहीं होती। कार्रवाई संबंधित नियम, घटना की गंभीरता और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तय होती है।
