रीवा। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। नईगढ़ी परियोजना कार्यालय द्वारा की गई विभागीय जांच और समीक्षा के बाद तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और दो आंगनवाड़ी सहायिकाओं की सेवा समाप्ति के विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं।
लगातार अनुपस्थिति और लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह
परियोजना अधिकारी रविशंकर पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ लंबे समय से केंद्रों से नदारद रहने और पदीय कर्तव्यों की अनदेखी करने की शिकायतें मिल रही थीं। विभागीय स्तर पर बार-बार निर्देश और चेतावनी दिए जाने के बावजूद संबंधित कर्मियों द्वारा अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया। अंततः विभागीय नियमों के तहत सेवा समाप्ति का कड़ा निर्णय लिया गया।
इन पांच कर्मचारियों पर गिरी गाज
विभागीय आदेश के तहत जिन पांच कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनका विवरण इस प्रकार है:
| कर्मचारी का नाम | पद | पदस्थ आंगनवाड़ी केंद्र |
|---|---|---|
| भारती पटेल | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | जुड़मनिया रघुनाथ |
| सुशीला उपाध्याय | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | सुअरहा |
| आरती कारपेंटर | आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | मैर मु. भटिगवां |
| आशा मिश्रा | आंगनवाड़ी सहायिका | छुहिया |
| गीता मिश्रा शुक्ला | आंगनवाड़ी सहायिका | पहरखा-2 |
परियोजना क्षेत्र में हड़कंप, केंद्रों की निगरानी तेज
एक साथ पांच कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की गाज गिरने से नईगढ़ी परियोजना के मैदानी अमले में हड़कंप की स्थिति है। इस कार्रवाई के बाद पोषण आहार वितरण, बच्चों व धात्री माताओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और केंद्रों के सुचारू संचालन को लेकर जवाबदेही तय करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
