रीवा के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित अटल पार्क में गरबा आयोजन को लेकर विवाद सामने आया है। पार्क में आयोजन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति को लेकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। नगर निगम के एमआईसी सदस्य धनेन्द्र सिंह बघेल ने आयोजन को निर्धारित शर्तों के विपरीत बताते हुए नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग की है।
मामले में नगर आयुक्त अक्षत जैन ने ठेकेदार को दी गई शर्तों का परीक्षण कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि गरबा जैसे आयोजनों के लिए तय शर्तों को देखा जाएगा। यदि नियमों के विपरीत संचालन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अटल पार्क में गरबा आयोजन पर क्यों उठे सवाल?
अटल पार्क में गरबा आयोजन को लेकर सवाल इस बात पर उठे हैं कि पार्क के संचालन और रखरखाव के लिए तय शर्तों के तहत किन गतिविधियों की अनुमति है। एमआईसी सदस्य धनेन्द्र सिंह बघेल का कहना है कि पार्क में योग और मेडिटेशन जैसी निर्धारित गतिविधियों की ही अनुमति है, जबकि अन्य कार्यक्रमों के लिए नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी है।
पूर्व एमआईसी सदस्य नीरज पटेल ने भी नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो नगर निगम के अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। अधिवक्ता अमृतलाल मिश्रा ने भी नियम सभी पर समान रूप से लागू करने की जरूरत बताई।
पांच साल के लिए ठेके पर दिया गया है पार्क
उपलब्ध समाचार विवरण के मुताबिक, अटल पार्क को पांच साल की अवधि के लिए संचालन और रखरखाव के ठेके पर दिया गया है।
ठेके की शर्तों के तहत ठेकेदार को फूड कॉर्नर में दुकानें और प्रवेश शुल्क से राशि वसूलने की अनुमति दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, आरोप है कि पार्क के वाहन पार्किंग वाले हिस्से में दुकानें बनाकर बेची गईं और फूड कॉर्नर क्षेत्र में दुकानों को तोड़कर अलग से शेड का निर्माण किया गया। इन निर्माण गतिविधियों के लिए नगर निगम की स्वीकृति नहीं लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
योग और मेडिटेशन के लिए विकसित किया गया था पार्क
बताया गया है कि अटल पार्क को शहर के मध्य सुकून वाले क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। ठेका अनुबंध की शर्तों में योग और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों के आयोजन का उल्लेख है। इन गतिविधियों के लिए ठेकेदार नि:शुल्क कार्यक्रम करा सकता है या शुल्क वसूल सकता है, ऐसा भी शर्तों में बताए जाने का उल्लेख है।
सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले लोगों से शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। इस व्यवस्था और अन्य शर्तों के पालन को लेकर शिकायतें उठाई गई हैं।
नगर आयुक्त ने शर्तों की जांच कराने की बात कही
नगर आयुक्त अक्षत जैन के हवाले से कहा गया है कि ठेकेदार को दी गई शर्तों का परीक्षण कराया जाएगा। इसमें गरबा जैसे आयोजनों के लिए लागू शर्तें भी देखी जाएंगी। यदि जांच में नियमों के विपरीत संचालन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे में अब मामले में ठेका अनुबंध की शर्तों, आयोजन की अनुमति और पार्क में किए गए निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच अहम होगी। उपलब्ध जानकारी में जांच के अंतिम नतीजे या किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
