रीवा। गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के चलते 27 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मामले में अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि महिला को बचाने के लिए कई स्तरों पर चिकित्सकीय प्रयास किए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
प्रसव के बाद नहीं रुक रहा था रक्तस्राव
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, महिला को 9 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे लेबर रूम में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान आपातकालीन ऑपरेशन कर बच्चे की डिलीवरी कराई गई। इसके बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिसे नियंत्रित करने के लिए दवाओं और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया।
बच्चेदानी निकालने का भी किया गया ऑपरेशन
प्रबंधन के मुताबिक, जब रक्तस्राव नियंत्रित नहीं हुआ तो वरिष्ठ गायनी चिकित्सकों ने एनेस्थीसिया टीम की मौजूदगी में बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन किया। अस्पताल का कहना है कि महिला की गंभीर स्थिति के बारे में परिजनों को जानकारी दी गई थी।
चार यूनिट रक्त और प्लाज्मा चढ़ाया गया
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि महिला को चार यूनिट रक्त और दो यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा चढ़ाया गया। ऑपरेशन के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। गायनी और एनेस्थीसिया विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक उपचार की निगरानी कर रहे थे। इसके अलावा मेडिसिन और सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया गया।
तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं बची जान
प्रबंधन के अनुसार, महिला को बचाने के लिए हर संभव चिकित्सकीय प्रयास किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष या किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट का विवरण नहीं है। इसलिए महिला की मौत के लिए किसी चिकित्सकीय लापरवाही को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराने के लिए जांच से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
