रीवा। नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार के लिए चर्चा में रहने वाले रीवा शहर में इस नेटवर्क पर पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार मिल रही नशीली सिरप की खाली शीशियों और अवैध बिक्री को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने मंगलवार शाम पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की अहम बैठक बुलाई।
सर्च इंजन पर 'कोरेक्स सिटी' के रूप में रीवा का नाम आना चिंताजनक
रीवा में नशीली सिरप के दुरुपयोग का मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि सोशल मीडिया और इंटरनेट सर्च ट्रेंड्स में भी इसकी नकारात्मक पहचान बन गई है। गूगल पर 'कोरेक्स सिटी ऑफ इंडिया' सर्च करने पर रीवा का नाम प्रदर्शित होना शहर की छवि के लिए बेहद असहज और चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। स्थानीय युवाओं में कफ सिरप के दुरुपयोग और अवैध खरीद-फरोख्त की खबरों के चलते यह इंटरनेट ट्रेंड में शामिल हुआ है。
कार्रवाई से सप्लाई घटी, कीमतें बढ़ना असर का संकेत: डिप्टी सीएम
बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि नशीली सिरप के अवैध धंधे के खिलाफ लगातार पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है, जिसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है। उन्होंने अर्थशास्त्र के मांग और आपूर्ति के नियम का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि जब किसी वस्तु की सप्लाई पर अंकुश लगता है, तो उसकी कीमतें बढ़ जाती हैं। शहर में नशीली सिरप की कीमतों में हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सख्ती से आपूर्ति बाधित हुई है।
डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि प्रशासन सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अंतिम मुकाम तक पहुंचना बाकी है। इस कारोबार को केवल नियंत्रित नहीं, बल्कि पूरी तरह समाप्त करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आईजी, डीआईजी, एसपी और कलेक्टर को दिए गए कड़े निर्देश
मंगलवार शाम आयोजित इस समीक्षा बैठक में रीवा संभाग के आईजी, डीआईजी, जिले के एसपी और कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डिप्टी सीएम ने सभी अधिकारियों से दो टूक कहा कि पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें बनाकर सिरप के मुख्य सप्लायरों, भंडारण ठिकानों और परिवहन मार्गों पर लगातार दबिश दी जाए ताकि अवैध बिक्री पर पूर्ण विराम लग सके।
