रीवा | सिरमौर | टाटा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्टरीवा

रीवा में टाटा न्यूक्लियर प्रोजेक्ट का विरोध, प्रशासन को परवाह नहीं: ग्राम सभा के विरोध के बीच रोझौही तक बिछेगी 36.6 किमी बिजली लाइन, ₹5.76 करोड़ का एस्टीमेट तैयार

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Rewa Rojhauhi Tata Nuclear Power Project 36.6 km electricity line estimate
रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट का विरोधसाभार: TCE

मुख्य बिंदुQuick Read

  • रोझौही क्षेत्र तक 36.6 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन का प्रस्ताव।
  • परियोजना का अनुमानित खर्च ₹5.76 करोड़ है।
  • टाटा प्रोजेक्ट के लिए 10 मेगावाट कनेक्शन की तैयारी का उल्लेख।
  • ग्राम सभा के विरोध के बीच बिजली लाइन और परियोजना की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र के रोझौही में प्रस्तावित टाटा न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए बिजली आपूर्ति की तैयारी से जुड़ा प्रस्ताव सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए 10 मेगावाट कनेक्शन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 36.6 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन बिछाने का प्रस्ताव है, जिसका अनुमानित खर्च 5.76 करोड़ रुपये बताया गया है।

36.6 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन का प्रस्ताव

प्रस्ताव के अनुसार, रोझौही क्षेत्र तक 33 केवी की बिजली लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए करीब 13 मीटर ऊंचे पोल और अधिक क्षमता वाले कंडक्टर के इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है। लाइन को मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग प्रकार के पोल और स्ट्रक्चर लगाए जाने की योजना बताई गई है।

₹5.76 करोड़ का एस्टीमेट तैयार

समाचार कटिंग में बिजली लाइन के लिए कुल 5.76 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, यह अनुमानित लागत है। उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि एस्टीमेट को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है या निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति जारी हुई है।

ग्राम सभा के विरोध के बीच परियोजना पर सवाल

रोझौही और आसपास के गांवों में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों का मुद्दा भी सामने आया है। समाचार कटिंग के अनुसार, ग्रामीणों ने ग्राम सभा में परियोजना का विरोध किया है। बोरहोल और जमीन से जुड़ी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ग्रामीणों की आपत्तियों के बीच बिजली लाइन बिछाने के प्रस्ताव को लेकर यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि परियोजना किस चरण में है और इसके लिए किन औपचारिक मंजूरियों की आवश्यकता है। साथ ही, ग्रामीणों की आपत्तियों पर प्रशासन और संबंधित विभाग का रुख भी महत्वपूर्ण रहेगा।

बिजली लाइन की मंजूरी और निर्माण पर नजर

बिजली लाइन का एस्टीमेट तैयार होना अपने आप में निर्माण शुरू होने या परियोजना को सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने की पुष्टि नहीं करता। लाइन की स्वीकृति, बिजली कनेक्शन की स्थिति, जमीन से जुड़े मामलों और ग्राम सभा की आपत्तियों पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही परियोजना की अगली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
शशांक द्विवेदी
सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक • The City Express

द सिटी एक्सप्रेस के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक। नीतिगत विश्लेषण, समसामयिक विषयों पर गहन दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समाचार समन्वय। डिजिटल मीडिया आचार संहिता व शिकायत निवारण (Grievance Redressal) के प्रभारी।

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