मध्य प्रदेश के रीवा जिले अंतर्गत त्योंथर तहसील कार्यालय के भूमिपूजन समारोह में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी और वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी के बीच मंच पर ही तीखी तकरार हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों नेताओं के समर्थक आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी व धक्का-मुक्की हुई।
शिलापट्टिका से नाम हटाने का आरोप, पूजन के दौरान हंगामा
त्योंथर में नई तहसील भवन के निर्माण को लेकर गुरुवार को विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंच पर सांसद जनार्दन मिश्रा और क्षेत्रीय विधायक सिद्धार्थ तिवारी पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी वहां पहुंचे और शिलापट्टिका में अपना नाम न होने पर नाराजगी जताई।
पूर्व विधायक ने विधायक की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि पहले से तैयार शिलापट्टिका को जानबूझकर बदलवाया गया और तहसीलदार को फोन करके उनका नाम हटवाया गया। उन्होंने इसे वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान बताते हुए मंच से ही कड़ा विरोध दर्ज कराया।
समर्थकों में नारेबाजी और धक्का-मुक्की, सांसद ने संभाला मोर्चा
बहस तेज होते ही दोनों नेताओं के समर्थक आक्रोशित हो गए। पूर्व विधायक के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू की, तो जवाब में वर्तमान विधायक के समर्थक भी आगे आ गए। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की का माहौल बन गया।
स्थिति बिगड़ती देख सांसद जनार्दन मिश्रा ने हस्तक्षेप किया। वे अपनी जगह से उठकर पूर्व विधायक के पास पहुंचे और उनका हाथ पकड़कर समझाने व शांत कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन पूर्व विधायक अपना विरोध दर्ज कराते रहे।
विधायक बोले- यह परिवार का अंदरूनी विषय है
घटनाक्रम के बाद पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि उनके नाम वाली पट्टिका पहले से स्वीकृत और तैयार थी, जिसे स्थानीय दबाव में बदला गया। वहीं, विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने इस पूरे विवाद पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह भाजपा परिवार का आंतरिक विषय है और बड़े राजनीतिक परिवारों में इस तरह की बातें सामान्य हैं, इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है।
