मेरठ जिला न्यायालय ने पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए मृतक की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा दी है। वारदात के 547 दिन बाद आए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि विश्वासघात और क्रूरता से किया गया यह कृत्य किसी भी तरह की रियायत के काबिल नहीं है।
सती सावित्री का उल्लेख कर जज बोले: सिर्फ टुकड़े करना ही जघन्य नहीं
सजा सुनाते हुए एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर ने फैसले में भारतीय संस्कृति और सती सावित्री की परंपरा का उल्लेख किया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस समाज में पत्नी पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रखती है, वहां प्रेमी के साथ मिलकर इस प्रकार का षड्यंत्र रचना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है। हालिया चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड का परोक्ष संदर्भ देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि केवल शव को काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं होता, बल्कि इस तरह की सोची-समझी हत्या भी 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आती है।
सजा सुनते ही बिलख पड़े दोनों दोषी
शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। जब जज ने उनसे सजा पर पक्ष रखने को कहा, तो रविता ने रोते हुए कहा कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं और उनकी देखभाल की व्यवस्था की जाए। वहीं, अमरदीप ने अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा का हवाला दिया। इसके बाद दोनों अदालत के सामने फूट-फूटकर रोने लगे।
गला घोंटकर की थी हत्या, बिस्तर पर छोड़ दिया था सांप
अभियोजन के अनुसार, 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना को सर्पदंश से हुई स्वाभाविक मौत का रूप देने के इरादे से दोनों ने शव के पास बिस्तर पर जहरीला सांप छोड़ दिया था। पुलिस ने मामले की तहकीकात करते हुए वारदात के 60 दिन के भीतर दोनों के खिलाफ पुख्ता चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में 87 तारीखों पर सुनवाई और 12 से अधिक गवाहों के बयानों के बाद कोर्ट ने 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी ठहराया था।
मेरठ कोर्ट में तीन दिनों में चार दोषियों को फांसी
मेरठ की अदालत द्वारा बीते तीन दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा फैसला है, जिसमें कुल चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पहले 14 अक्टूबर को चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड दिया गया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सौरभ के परिजन भी अदालत परिसर में मौजूद रहे।
