उत्तर प्रदेश के इटावा में एक सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी नाबालिग बेटी और उसके 21 वर्षीय कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान श्याम सुंदर कठेरिया (55) के रूप में हुई है। उनका शव सिविल लाइन थाना क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी स्थित घर में एक बक्से से बरामद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या की वजह बेटी के प्रेम संबंध का विरोध सामने आया है।
25 अक्टूबर को कमरे से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने घर का ताला खुलवाकर तलाशी ली, जिसके दौरान बक्से में शव मिला। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले में आगे की जांच शुरू की।
इटावा की कांशीराम कॉलोनी में मिला था शव
श्याम सुंदर कठेरिया टीबी अस्पताल परिसर के पास स्थित कांशीराम कॉलोनी में रहते थे। वह एक होटल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते थे। उनके साथ उनकी नाबालिग बेटी रहती थी। परिवार के अन्य सदस्य अलग रहते थे।
25 अक्टूबर को कमरे से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बंद कमरे का ताला खुलवाया। घर की तलाशी के दौरान एक बक्से से कंबल में लिपटा शव बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
21 अक्टूबर की घटना होने का पुलिस का दावा
पुलिस की पूछताछ से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, हत्या 21 अक्टूबर को किए जाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मृतक अपनी बेटी के प्रेम संबंध के खिलाफ थे। इसी विवाद को हत्या की वजह बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटी ने पूछताछ में बताया कि उसकी मुलाकात कथित प्रेमी से करीब पांच महीने पहले मोबाइल नंबर रिचार्ज कराने के दौरान हुई थी। बाद में दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। जब पिता को इस संबंध के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
नींद की दवा देने और हमला करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि 21 अक्टूबर को बेटी ने अपने पिता की चाय में नींद की दवा मिलाई। उनके सो जाने के बाद कथित तौर पर बेटी और उसके प्रेमी ने उन्हें बांधा और उन पर धारदार हथियार तथा सिलबट्टे से हमला किया। पुलिस का दावा है कि इस हमले में श्याम सुंदर की मौत हो गई।
हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए फ्रिज में रखने की कोशिश किए जाने और बाद में कंबल में लपेटकर बक्से में बंद करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, मृतक का मोबाइल फोन भी नाले में फेंक दिया गया था। इन सभी पहलुओं की जांच घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की जा रही है।
चार दिन बाद दुर्गंध से खुला मामला
घटना के बाद घर बंद रहने के कारण आसपास के लोगों को शुरुआत में जानकारी नहीं हुई। 25 अक्टूबर को कमरे से दुर्गंध तेज होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घर में प्रवेश कर बक्से से शव बरामद किया।
मृतक की बड़ी बेटी ने भी कई दिनों से पिता से संपर्क नहीं होने की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने पिता का फोन बंद मिलने के बाद चिंता जताई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और मृतक के साथ रहने वाली बेटी तथा उसके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई।
पुलिस ने बेटी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया
पुलिस ने 21 वर्षीय अभिलाष सिंह को गिरफ्तार किया। वह इटावा क्षेत्र में मजदूरी करता था। पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नाबालिग बेटी उसके घर पर है। इसके बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में लिया।
पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए जाने के आरोप वाले चाकू, सिलबट्टे, खून से सने कपड़े और बक्से सहित अन्य सामान बरामद करने की जानकारी दी है। इन वस्तुओं की जांच मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए महत्वपूर्ण होगी।