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Surya Grahan: भारत में कब दिखेगा सूर्य ग्रहण; इन राशियों पर ज्योतिषीय असर, जानें देखना चाहिए या नहीं

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2 अगस्त 2027 सूर्य ग्रहण की जानकारी और भारत में इसकी दृश्यता
भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को आंशिक रूप से दिखाई देगासाभार: The City Express

मुख्य बिंदुQuick Read

  • अगला भारत में दिखाई देने वाला सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त 2027
  • भारत में यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।
  • मध्यप्रदेश में यह लगभग दोपहर 3:47 बजे से शाम 5:25 बजे तक दिखाई देने की गणना है।
  • ज्योतिषीय गणना में ग्रहण कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र में होगा।
  • सूर्य ग्रहण नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए; प्रमाणित सोलर फिल्टर जरूरी है।

सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के मन में अक्सर दो सवाल होते हैं—भारत में अगला सूर्य ग्रहण कब दिखाई देगा और इसका किन राशियों पर असर पड़ेगा? मौजूदा समय यानी अक्टूबर 2026 से आगे देखें तो भारत में अगला दिखाई देने वाला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होगा। यह भारत में पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा।

भारत में अगला सूर्य ग्रहण कब है?

2 अगस्त 2027 को दुनिया के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि भारत के अधिकांश हिस्सों में इसका आंशिक चरण दिखाई देगा। भारत में ग्रहण दोपहर बाद से शाम तक अलग-अलग शहरों में अलग समय पर दिखाई देगा।

उदाहरण के लिए दिल्ली में आंशिक ग्रहण लगभग 3:52 बजे शुरू होकर 5:03 बजे तक रहेगा। मध्यप्रदेश में उपलब्ध गणना के अनुसार यह करीब 3:47 बजे से 5:25 बजे तक दिखाई दे सकता है। अलग-अलग शहरों में शुरुआत और समाप्ति के समय में कुछ अंतर रहेगा।

2026 में भारत में सूर्य ग्रहण क्यों नहीं दिखा?

साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण हुए। पहला 17 फरवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण था और दूसरा 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण। भारतीय मौसम विभाग के राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार दोनों सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिए।

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस और स्पेन सहित कुछ क्षेत्रों से दिखाई दिया, लेकिन भारत इस ग्रहण के दृश्य क्षेत्र में नहीं था।

2 अगस्त 2027 के सूर्य ग्रहण की खास बात

2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में यह केवल आंशिक रूप में दिखाई देगा। भारत के दक्षिणी हिस्सों में सूर्य का अधिक हिस्सा ढका हुआ दिखाई देगा, जबकि उत्तर की ओर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम दिखाई देगा।

भारत के अलग-अलग राज्यों में ग्रहण की अवधि अलग रहेगी। उपलब्ध गणना के अनुसार मध्यप्रदेश में आंशिक ग्रहण लगभग 3:47 बजे से 5:25 बजे तक रह सकता है।

सूर्य ग्रहण किस राशि में पड़ेगा?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण कर्क राशि में और पुष्य नक्षत्र में होगा। खगोलीय गणना से भी इस ग्रहण के समय सूर्य की सिडीरियल स्थिति कर्क राशि में बताई गई है।

किन राशियों पर खतरा माना जा रहा है?

यहां "खतरा" शब्द को ज्योतिषीय मान्यता के संदर्भ में समझना चाहिए। सूर्य ग्रहण से किसी राशि के व्यक्ति को निश्चित रूप से नुकसान होगा, ऐसा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ज्योतिष में व्यक्तिगत प्रभाव देखने के लिए केवल राशि नहीं, बल्कि जन्मकुंडली, चंद्र राशि और ग्रहों की स्थिति भी देखी जाती है।

कुछ ज्योतिषीय व्याख्याओं में कर्क और मकर राशि को इस ग्रहण के प्रति अधिक संवेदनशील माना गया है। हालांकि अलग-अलग ज्योतिष पद्धतियों में परिणाम अलग हो सकते हैं।

राशि ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रभाव
मेष घर-परिवार से जुड़े मामलों में बेचैनी की स्थिति मानी जाती है।
वृषभ भाई-बहन और रिश्तों में मतभेद से सावधानी की सलाह दी जाती है।
मिथुन धन और खर्च से जुड़े मामलों में सावधानी की मान्यता है।
कर्क स्वास्थ्य और मानसिक तनाव को लेकर सावधानी की ज्योतिषीय सलाह दी जाती है।
सिंह खर्च और आराम से जुड़े मामलों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
कन्या नई योजनाओं में जल्दबाजी से बचने की ज्योतिषीय मान्यता है।
तुला कामकाज और अधिकारियों से जुड़े मामलों में संयम की सलाह दी जाती है।
वृश्चिक यात्रा और महत्वपूर्ण फैसलों में सावधानी की मान्यता है।
धनु अचानक खर्च और जोखिम वाले फैसलों से बचने की सलाह दी जाती है।
मकर साझेदारी और लेन-देन में सतर्क रहने की ज्योतिषीय सलाह दी जाती है।
कुंभ स्वास्थ्य और खान-पान पर ध्यान देने की मान्यता है।
मीन रिश्तों में गलतफहमी से बचने की सलाह दी जाती है।

ऊपर दिए गए राशि प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं। किसी व्यक्ति पर प्रभाव का दावा केवल उसकी राशि देखकर करना उचित नहीं है।

सूर्य ग्रहण देखना चाहिए या नहीं?

सूर्य ग्रहण देखा जा सकता है, लेकिन सीधे नंगी आंखों से नहीं। आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को बिना सुरक्षित फिल्टर के देखने से आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है। साधारण धूप का चश्मा, काला कांच या एक्स-रे फिल्म सुरक्षित विकल्प नहीं हैं।

ग्रहण देखने के लिए ISO 12312-2 मानक वाला प्रमाणित सोलर-व्यूइंग ग्लास या उपयुक्त सोलर फिल्टर इस्तेमाल करना चाहिए। कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप से भी सूर्य को देखने के लिए उपकरण के सामने विशेष सोलर फिल्टर लगाना जरूरी है।

क्या सूर्य ग्रहण को मोबाइल कैमरे से देख सकते हैं?

मोबाइल कैमरे से सूर्य की ओर सीधे कैमरा करके ग्रहण देखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। तेज सूर्य प्रकाश कैमरे के सेंसर को नुकसान पहुंचा सकता है। सुरक्षित सोलर फिल्टर और सही उपकरण के साथ ही सूर्य की तस्वीर लेनी चाहिए।

क्या सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक लगेगा?

सूतक धार्मिक परंपरा से जुड़ी मान्यता है। 2026 के सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण भारत में उससे जुड़े दृश्यता-आधारित सूतक नियम लागू नहीं माने गए थे। 2 अगस्त 2027 का ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए उस समय सूतक को लेकर धार्मिक परंपराओं के अनुसार नियमों का पालन करने वाले लोग स्थानीय पंचांग की जानकारी देख सकते हैं। अलग-अलग परंपराओं में नियमों में अंतर हो सकता है।

सूर्य गोचर और सूर्य ग्रहण एक ही चीज नहीं

सूर्य गोचर और सूर्य ग्रहण को एक नहीं समझना चाहिए। सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना सूर्य गोचर कहलाता है, जबकि सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा के आने से सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए ढकना सूर्य ग्रहण है।

राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार 2026 में सूर्य 17 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश करेगा। इसलिए अक्टूबर 2026 का सूर्य गोचर एक अलग ज्योतिषीय घटना है; इसे सूर्य ग्रहण नहीं कहा जा सकता।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?

  • ग्रहण देखना हो तो प्रमाणित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करें।
  • बच्चों को भी बिना सुरक्षा के सूर्य की ओर सीधे देखने न दें।
  • फोटोग्राफी के लिए उचित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करें।
  • धार्मिक मान्यताओं का पालन करने वाले लोग अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार नियम अपना सकते हैं।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण न देखें।
  • साधारण सनग्लास या काले कांच को सोलर फिल्टर न समझें।
  • बिना विशेष फिल्टर के दूरबीन, टेलीस्कोप या कैमरा लेंस से सूर्य न देखें।
  • राशि के आधार पर डर या नुकसान की निश्चित भविष्यवाणी को वैज्ञानिक तथ्य न मानें।

अगला सूर्य ग्रहण कब और कहां दिखेगा?

6 फरवरी 2027 का वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसके बाद 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा। NASA के अनुसार 2 अगस्त का पूर्ण ग्रहण स्पेन, उत्तरी अफ्रीका, सऊदी अरब और यमन सहित कुछ क्षेत्रों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़डेस्क
संपादकीय न्यूज़ डेस्क • The City Express

द सिटी एक्सप्रेस की केंद्रीय संपादकीय टीम द्वारा सत्यापित, निष्पक्ष और तथ्य-जांच आधारित ताज़ा समाचार व लाइव अपडेट्स।

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