TCE नेशनल डेस्क। उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के 14 राज्यों में मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे मैदानी और पहाड़ी इलाकों में व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश और जलभराव का संकट गहरा गया है।
उत्तर प्रदेश: 25 शहरों में बाढ़ जैसे हालात, 8 जिलों में स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में मंगलवार सुबह से ही अनवरत बारिश जारी है। शहरों की प्रमुख सड़कें, चौराहे और अस्पताल परिसर जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी भरने से कारें और दोपहिया वाहन तैरते नजर आए।
कानपुर और उन्नाव के निचले इलाकों में 500 से अधिक घरों में बारिश का पानी घुस गया है, जबकि प्रतापगढ़ में थाने के भीतर तक जलभराव हो गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 8 प्रभावित जिलों में सभी शासकीय व निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बारिश के चलते 100 से अधिक छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं।
उत्तराखंड: ऋषिकेश में उफान पर नदियां, पौड़ी में लैंडस्लाइड से 1 की मौत
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में सोमवार से जारी भीषण बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऋषिकेश क्षेत्र में बरसाती नदियां और नाले उफान पर हैं:
- बीन नदी में पलटी जीप: तेज बहाव के बीच बीन नदी पार कर रही एक जीप पलट गई, जिसमें फंसे 2 लोगों को एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने त्वरित रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
- चंद्रभागा नदी में फंसी गाड़ियां: नदी के अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई वाहन बीच धारा में फंस गए, जिन्हें रस्सियों के सहारे निकाला गया।
- पौड़ी गढ़वाल में भूस्खलन: पौड़ी गढ़वाल जिले में भारी लैंडस्लाइड के चलते एक मकान पर भारी मलबा गिर गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोग दब गए। हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
मध्य प्रदेश के सतना में मंदाकिनी नदी में बाढ़, बंगाल के आसनसोल में रेस्क्यू
मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित पावन तीर्थ चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी में आई बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी है और श्रद्धालुओं के गहरे पानी में जाने पर रोक लगा दी है। संवेदनशील इलाकों में SDRF और होमगार्ड के जवान तैनात हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। आसनसोल और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां निचले इलाकों में फंसे नागरिकों को आपदा प्रबंधन दल द्वारा बोट्स के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।