Sanjay Dutt on India and PM Modi: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपने एक खास अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। शेखर सुमन के शो ‘Shekhar Tonite’ के गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड में संजय दत्त ने अपने लोकप्रिय किरदार मुन्ना भाई को फिर से पर्दे पर उतारा और इसी अंदाज में भारत की मौजूदा स्थिति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर व्यंग्य किया।
शो के दौरान संजय दत्त से पूछा गया कि अगर उन्हें 5 मिनट के लिए भारत का प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो वह देश को क्या संदेश देंगे। इसके बाद उन्होंने मुन्ना भाई के अंदाज में काल्पनिक प्रधानमंत्री का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने गांधी के विचारों, राजनीतिक नेताओं की तस्वीरों, विदेश यात्राओं और दुनिया में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों को हास्य के जरिए सामने रखा।
संजय दत्त बोले- भारत में अब शांति महसूस नहीं होती
शो में भारत की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए संजय दत्त ने कहा कि देश के लोग बहुत प्यारे, दिलदार और मेहमाननवाज हैं। उन्होंने कहा कि देश में शांति होनी चाहिए, लेकिन उन्हें अब भारत में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती।
संजय दत्त ने यह भी कहा कि भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है और लोगों को अपनी यही उदारता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि देश में शांति के पुराने दिन वापस आएं। उनका यह बयान शो के दौरान उनके व्यक्तिगत विचार के रूप में सामने आया।
PM बनकर बोले- अपनी तस्वीर से ज्यादा गांधी के विचार जरूरी
इसके बाद संजय दत्त ने खुद को कुछ मिनट के लिए प्रधानमंत्री मानते हुए मुन्ना भाई के अंदाज में काल्पनिक भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि जहां अपनी तस्वीर लगाने का मन करे, वहां महात्मा गांधी की तस्वीर लगानी चाहिए, क्योंकि गांधी के विचार ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
संजय दत्त ने अपने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि उनकी तस्वीर बाद में भी खिंच सकती है, लेकिन देश को पहले फ्रेम में रखना चाहिए। यह पूरा हिस्सा उनके मुन्ना भाई किरदार के जरिए किया गया एक काल्पनिक और व्यंग्यात्मक अभिनय था, न कि प्रधानमंत्री के तौर पर कोई वास्तविक बयान।
PM मोदी का भी मुन्ना भाई अंदाज में जिक्र
इस काल्पनिक भाषण में संजय दत्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी संदर्भ दिया। उन्होंने गांधी के तीन बंदरों के प्रतीक का इस्तेमाल करते हुए नेताओं और सार्वजनिक जीवन में गांधीवादी विचारों की भूमिका पर बात की।
उनका पूरा सेगमेंट राजनीतिक व्यंग्य और हास्य के रूप में पेश किया गया था। उन्होंने किसी वास्तविक राजनीतिक पद या नीति की घोषणा नहीं की।
Donald Trump को संजय दत्त का संदेश- ‘मामू ज्यादा टंटे नहीं पालने का’
मुन्ना भाई के अंदाज में संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी संदेश दिया। उन्होंने उन्हें ‘Trump mamu’ कहकर संबोधित किया और दुनिया में तनाव कम करने की बात कही।
संजय दत्त ने मजाकिया अंदाज में कहा कि दुनिया में पहले से ही बहुत मिसाइलें हैं, इसलिए अब थोड़ा प्यार भी एक्सपोर्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं मिसाइल भेजने का मन करे तो पहले गुलदस्ता भेजना चाहिए और अगर किसी को धमकी देने का मन करे तो उसे फोन करके घर बुलाकर चाय पर बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए।
इसी हिस्से में उन्होंने मुन्ना भाई स्टाइल में कहा, “मामू ज्यादा टंटे नहीं पालने का।” इसके जरिए उन्होंने टकराव की जगह बातचीत और गांधीगिरी का संदेश देने की कोशिश की।
‘Trump Mamu’ को सिखाई Gandhigiri
संजय दत्त ने अपने काल्पनिक प्रधानमंत्री वाले भाषण को महात्मा गांधी के विचारों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शांति प्यार से बनती है और प्यार गांधीगिरी से आता है। इसके बाद उन्होंने ट्रंप को भी गांधीगिरी सीखने की बात कही।
उनका संदेश किसी वास्तविक विदेश नीति के बयान के बजाय गांधी जयंती के मौके पर किया गया एक मनोरंजक और व्यंग्यात्मक सेगमेंट था। शो में उन्होंने युद्ध और धमकी के बजाय बातचीत, प्यार और शांति को प्राथमिकता देने की बात कही।
‘अमेरिका आ रहा हूं, जादू की झप्पी देने’
संजय दत्त ने अपने सेगमेंट का अंत भी मुन्ना भाई के अंदाज में किया। उन्होंने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि वह अमेरिका आ रहे हैं और उन्हें ‘जादू की झप्पी’ देंगे। यह उनके लोकप्रिय फिल्मी किरदार से जुड़ा संदर्भ था।
गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड में नजर आए संजय दत्त
यह पूरा सेगमेंट शेखर सुमन के शो ‘Shekhar Tonite’ के गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड का हिस्सा था। शो में संजय दत्त ने अपने पुराने मुन्ना भाई किरदार की भाषा और अंदाज का इस्तेमाल करते हुए समकालीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर हास्य के जरिए टिप्पणी की।
संजय दत्त का यह अंदाज उनकी फिल्म ‘Lage Raho Munna Bhai’ में सामने आए ‘Gandhigiri’ के विचार की याद भी दिलाता है, जहां मुन्ना भाई गांधी के अहिंसा और संवाद के सिद्धांतों को अपने तरीके से अपनाता है।
