मंडला: 15 लाख रुपए के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में मंडला नगर पालिका के CMO गजानन नाफड़े को लोकायुक्त ने 2 लाख रुपए की पहली किस्त लेते पकड़ लिया। शुक्रवार को नगर पालिका कार्यालय में हुई ट्रैप कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की। शिकायतकर्ता ठेकेदार ज्ञानचंद बेन की शिकायत के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता का करीब 15 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। आरोप है कि भुगतान जारी करने के एवज में CMO ने पहले उनकी पत्नी की फर्म को किए गए करीब 39.23 लाख रुपए के भुगतान का 12 प्रतिशत हिस्सा मांगा था। सौदा करीब 4 लाख रुपए में तय होने के बाद पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपए देने की सहमति बनी।
15 लाख के भुगतान के बदले 4 लाख मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता ज्ञानचंद बेन और उनकी पत्नी मंजू बेन शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी के नाम एमएस पलक बेन फर्म पंजीकृत है। लोकायुक्त के अनुसार, फर्म को मंडला नगर पालिका से वर्ष 2024-25 और 2025-26 में LED लाइट और फिटकरी की सप्लाई का काम मिला था। वहीं ज्ञानचंद बेन को पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का काम मिला था।
लोकायुक्त के मुताबिक, मंजू बेन की फर्म को इन कामों के लिए करीब 39 लाख 23 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका था। इसके बाद ज्ञानचंद बेन का करीब 15 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। इसी भुगतान को जारी कराने के लिए वह CMO से मिले थे।
शिकायत के अनुसार, CMO ने लंबित भुगतान जारी करने के एवज में पहले उनकी पत्नी की फर्म को किए गए भुगतान की 12 प्रतिशत राशि के हिसाब से करीब 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। यह आरोप शिकायत और लोकायुक्त की कार्रवाई से संबंधित है। इसकी अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
