मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। श्रम विभाग ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) में 6 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी की है। इसका लाभ सरकारी क्षेत्र के करीब 10 लाख और निजी सेक्टर व उद्योगों में काम करने वाले करीब 40 लाख श्रमिकों को मिलेगा।
नई न्यूनतम वेतन दरें कितनी हुईं?
श्रमायुक्त शीतला पटले के आदेश के आधार पर महंगाई सूचकांक में बदलाव को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया गया है। 67 सामान्य नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 26 दिन के आधार पर मासिक न्यूनतम वेतन तय किया गया है।
अकुशल श्रमिक को प्रतिदिन 484 रुपए के हिसाब से 26 दिन के लिए 12,575 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।
अर्द्धकुशल श्रमिक के लिए दैनिक दर 522 रुपए और 26 दिन का न्यूनतम वेतन 13,571 रुपए प्रतिमाह है।
कुशल श्रमिक को 588 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 15,294 रुपए प्रतिमाह मिलेगा।
उच्च कुशल श्रमिक के लिए दैनिक दर 651 रुपए और 26 दिन का न्यूनतम वेतन 16,919 रुपए तय किया गया है।
50 लाख श्रमिकों को मिलेगा लाभ
नई दरों का लाभ सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को मिलेगा। करीब 10 लाख श्रमिक सरकारी विभागों में और लगभग 40 लाख श्रमिक निजी क्षेत्र एवं उद्योगों में काम करते हैं।
अगरबत्ती श्रमिकों के लिए भी नई दरें
अगरबत्ती उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी नई दरें निर्धारित की गई हैं। 1,000 अगरबत्ती रोलिंग की दर 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक की दर 75 रुपए तय की गई है।
अप्रैल 2026 में भी बढ़ा था न्यूनतम वेतन
मध्य प्रदेश में इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया गया था। उस समय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद 67 सामान्य नियोजनों में अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन 12,425 रुपए था। अब यह बढ़कर 12,575 रुपए हो गया है।
इसी तरह अर्द्धकुशल श्रमिक का वेतन 13,421 रुपए से बढ़कर 13,571 रुपए, कुशल श्रमिक का 15,144 रुपए से बढ़कर 15,294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक का 16,769 रुपए से बढ़कर 16,919 रुपए हो गया है।
