मध्य प्रदेश में 6 अक्टूबर के बाद 7 अक्टूबर से मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के असर से रीवा, सतना, पन्ना, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल ने 7 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधि की संभावना जताई है।
IMD के 6 अक्टूबर के अपडेट के मुताबिक 7 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की चेतावनी है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में कोई चेतावनी नहीं है। 8 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से के लिए भी यह चेतावनी हट जाती है, हालांकि कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
रीवा-सतना समेत इन जिलों में बारिश के आसार
7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदल सकता है। शहडोल में भी हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। IMD के शहडोल पूर्वानुमान में 7 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
रीवा में भी 7 अक्टूबर को आंशिक बादल और बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। 8 और 9 अक्टूबर को भी स्थानीय स्तर पर ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
जबलपुर संभाग में भी मौसम बदलेगा
पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है। हालांकि 7 अक्टूबर के लिए हर जिले में बारिश की संभावना एक जैसी नहीं है। स्थानीय स्तर पर बादलों की स्थिति और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
IMD के 6 अक्टूबर के सब-डिविजन अपडेट में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 7 अक्टूबर को थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की चेतावनी जारी की गई है।
भोपाल-इंदौर में दिन में धूप, रात में ठंडक
मध्य प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में दिन के समय तेज धूप रहने से तापमान गर्म महसूस हो सकता है, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट से ठंडक बढ़ने के आसार हैं।
6 अक्टूबर को IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 7 अक्टूबर को कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।
मानसून लौट चुका, फिर क्यों हो रही बारिश?
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मानसून की विदाई के बाद भी बारिश पूरी तरह खत्म नहीं होती। स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण, ट्रफ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण अक्टूबर में कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर में मध्य प्रदेश में दिन के समय गर्मी और रात में ठंडक के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हो सकती है।
इंदौर में रात का तापमान सबसे कम
6 अक्टूबर को उपलब्ध मौसम रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बैतूल में 17.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.6 डिग्री, पचमढ़ी में 18 डिग्री और अमरकंटक में 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में रात के समय ठंडक बढ़ने का संकेत मिल रहा है।
इस बार सामान्य से कम हुई मानसूनी बारिश
इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को पहुंचा था और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से विदा हो गया। मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 949.5 मिलीमीटर यानी करीब 37.3 इंच से लगभग 41 मिलीमीटर कम है। यह सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है।
पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
मानसूनी सीजन के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत के मुकाबले करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि संभाग और जिले के स्तर पर बारिश का आंकड़ा अलग-अलग रहा।
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग का औसत आंकड़ा करीब 4 प्रतिशत अधिक रहा, लेकिन कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश भी दर्ज की गई। रीवा समेत कई जिलों में बारिश की कमी दर्ज हुई।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
मानसूनी सीजन में प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हुआ। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
इन जिलों में सामान्य से कम बारिश
दूसरी ओर कई जिलों में मानसून के दौरान सामान्य से कम पानी गिरा। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।
7 अक्टूबर के बाद क्या रहेगा मौसम का हाल?
IMD के 6 अक्टूबर के सब-डिविजन पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 अक्टूबर को गरज-चमक की गतिविधि की संभावना है। 8 अक्टूबर से इस स्तर की चेतावनी नहीं है। हालांकि रीवा जैसे कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर 8 और 9 अक्टूबर तक बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
इसलिए 7 अक्टूबर को रीवा, सतना, पन्ना, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
