✍️ विशेष संवाददाता•Published On 20th Aug, 2026 @ 11:44 AM
फर्जी सिम कार्ड और साइबर फ्रॉड पर नकेल कसने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने बढ़ाई सख्ती; तय सीमा से अधिक मोबाइल नंबर पाए जाने पर सीधे निलंबित होंगे कनेक्शन।
TCE टेक डेस्क। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) ने देश में साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और फर्जी सिम कार्ड्स के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। विभाग ने एक ही व्यक्ति या एक पहचान पत्र (ID) के नाम पर तय कानूनी सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन सक्रिय रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता के नाम पर 9 से अधिक सिम कार्ड पंजीकृत पाए जाते हैं, तो तय सीमा से ऊपर के सभी अतिरिक्त मोबाइल नंबर तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिए जाएंगे।
टेलीकॉम कंपनियों को सख्त निर्देश: अतिरिक्त नंबर करें ब्लॉक
दूरसंचार विभाग ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया (Vi) और बीएसएनएल (BSNL) समेत सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश जारी कर ऐसे ग्राहकों की पहचान करने और तुरंत कार्रवाई करने को कहा है।
कंपनियों से स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी भी नागरिक की समग्र प्रोफाइलिंग में 9 से ज्यादा सिम सक्रिय दिखते हैं, तो अतिरिक्त कनेक्शनों के आउटगोइंग और इनकमिंग कॉल व डेटा सेवाएं ब्लॉक की जाएं।
डीआईपी फोटो और फेशियल मिलान से पकड़े जाएंगे फर्जी कनेक्शन
अतिरिक्त और फर्जी सिम की सटीक पहचान के लिए दूरसंचार विभाग ने एडवांस्ड डिजिटल वेरिफिकेशन तकनीकों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं:
- DIP फोटो मिलान: सब्सक्राइबर्स के डिजिटल आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस (DIP) के दौरान ली गई तस्वीरों का मिलान डेटाबेस में किया जाएगा ताकि यह पकड़ा जा सके कि एक ही चेहरे का इस्तेमाल कर अलग-अलग दस्तावेजों या नामों से कितने सिम लिए गए हैं।
- मल्टीपल कनेक्शन ट्रैकिंग: एक ही पहचान पत्र से जुड़े सभी ऑपरेटरों के नंबरों का केंद्रीय डेटाबेस के जरिए मिलान किया जाएगा।
साइबर फ्रॉड और वित्तीय ठगी पर लगेगी लगाम
विभाग के अनुसार, देश भर में हो रहे वित्तीय ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के अधिकांश मामलों में फर्जी दस्तावेजों या एक ही आईडी पर अनधिकृत रूप से जारी दर्जनों सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है। संगठित साइबर गिरोह अक्सर आम नागरिकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर थोक में सिम हासिल कर लेते हैं। इस नए नियम और सख्त तकनीकी जांच के लागू होने से ऐसे फर्जी सिमों को पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सकेगा।
उपभोक्ता खुद कैसे जांचें अपने नाम पर दर्ज सिम?
नागरिक दूरसंचार विभाग के आधिकारिक 'संचार साथी' (Sanchar Saathi) पोर्टल के अंतर्गत TAFCOP सुविधा का उपयोग करके यह जान सकते हैं कि उनके पहचान पत्र पर वर्तमान में कितने और कौन-कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई ऐसा नंबर सूची में दिखाई देता है जिसे उन्होंने कभी नहीं खरीदा, तो वे पोर्टल पर ही उस नंबर की रिपोर्ट कर उसे तुरंत बंद कराने का अनुरोध दर्ज कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड रख सकता है?
दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के अनुसार, भारत में एक व्यक्ति अपने पहचान पत्र पर अधिकतम 9 मोबाइल सिम कार्ड सक्रिय रख सकता है (पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर के लिए यह सीमा 6 सिम है)।
2. 9 से अधिक सिम कार्ड होने पर क्या कार्रवाई होगी?
यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 9 से ज्यादा सिम कार्ड पाए जाते हैं, तो 9 के बाद के सभी अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शन टेलीकॉम कंपनियों द्वारा निलंबित/बंद कर दिए जाएंगे।
3. टेलीकॉम कंपनियां अतिरिक्त सिमों की पहचान कैसे करेंगी?
कंपनियां डिजिटल आइडेंटिटी, केंद्रीय डेटाबेस और डीआईपी (DIP) फोटो मिलान तकनीक के जरिए एक ही व्यक्ति के नाम दर्ज अतिरिक्त नंबरों की पहचान करेंगी।
4. मेरे नाम पर कितने सिम हैं, यह मैं खुद कैसे चेक कर सकता हूं?
उपभोक्ता दूरसंचार विभाग के आधिकारिक संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) के TAFCOP मॉड्यूल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर अपने नाम जारी सभी सिमों की सूची देख सकते हैं।