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कंपनियों ने चुपचाप 16% तक बढ़ाएं मोबाइल रिचार्ज के दाम: एयरटेल ने बंद किए 5 सस्ते प्लान, जियो लाई प्राइम मेंबरशिप; जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम

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टेक-बिजनेस / नई दिल्ली: कंपनियों ने चुपचाप 16% तक बढ़ाएं मोबाइल रिचार्ज के दाम: एयरटेल ने बंद किए 5 सस्ते प्लान, जियो लाई प्राइम मेंबरशिप; जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम
कंपनियों ने चुपचाप 16% तक बढ़ाएं मोबाइल रिचार्ज के दाम: एयरटेल ने बंद किए 5 सस्ते प्लान, जियो लाई प्राइम मेंबरशिप; जानें क्यों बढ़ रहे हैं दामसाभार: AI

मुख्य बिंदुQuick Read

  • एयरटेल ने बंद किए 5 पॉपुलर प्लान: कंपनी ने ₹249, ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले प्रीपेड पैक बंद किए; उपभोक्ताओं को अब 5% से 16% तक महंगे विकल्प चुनने पड़ रहे हैं।
  • जियो की ₹300 वाली प्राइम मेंबरशिप: जियो ने 1 साल के प्राइस प्रोटेक्शन के लिए ₹300 की मेंबरशिप शुरू की, जो 299 रुपये वाले प्लान पर प्रभावी रूप से 8% की परोक्ष बढ़ोतरी के समान है।
  • अगले 3-4 महीनों में नई बढ़ोतरी के संकेत: ब्रोकरेज फर्म्स के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ में 10% से 15% तक की सीधी बढ़ोतरी कर सकती हैं।
  • बढ़ोतरी के 3 बड़े कारण: भारत में दुनिया के मुकाबले बेहद कम ARPU, 5G नेटवर्क पर हुआ ₹3.5 लाख करोड़ का भारी निवेश और एजीआर (AGR) व स्पेक्ट्रम बकाये का दबाव।

TCE टेक डेस्क। भारत में प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है, और इस बार कंपनियों ने सीधे तौर पर कीमतों में भारी इजाफे का औपचारिक ऐलान करने के बजाय 'साइलेंट हाइक' (परोक्ष बढ़ोतरी) का रास्ता चुना है। देश की प्रमुख निजी टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल (Airtel) ने अपने कई सबसे लोकप्रिय और किफायती रिचार्ज प्लान्स को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिसके चलते यूजर्स को 5 से 16 प्रतिशत तक महंगे प्लान लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, रिलायंस जियो (Jio) ने मौजूदा कीमतों को बरकरार रखने के नाम पर ₹300 की वार्षिक प्राइम मेंबरशिप पेश की है। टेलीकॉम सेक्टर के जानकारों का मानना है कि इस साइलेंट हाइक के बाद भी अगले 3 से 4 महीनों में मोबाइल रिचार्ज की दरों में 10 से 15 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मोबाइल रिचार्ज चुपचाप 16% तक महंगे कैसे हो गए?

भारतीय दूरसंचार बाजार में मुख्य रूप से तीन निजी कंपनियां—जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vi)—तथा एक सरकारी कंपनी BSNL कार्यरत हैं। हालिया दिनों में कंपनियों ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के टैरिफ स्ट्रक्चर में बड़े फेरबदल किए हैं:

एयरटेल ने बंद किए 5 लोकप्रिय प्रीपेड प्लान

12 अगस्त 2026 को एयरटेल ने अपने 5 सबसे ज्यादा बिकने वाले प्रीपेड प्लान्स—₹249, ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 को पोर्टफोलियो से हटा दिया। इन विकल्पों के बंद होने के बाद ग्राहकों को मजबूरी में अगले टियर के प्लान चुनने पड़ रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर, पहले ₹299 के प्लान में यूजर्स को 28 दिनों की वैधता के साथ रोजाना 1.5GB डेटा मिलता था। अब कंपनी ने इस प्लान को बंद कर दिया है और यूजर्स के पास अगला निकटतम विकल्प ₹349 का है (जिसमें रोजाना 2GB डेटा मिलता है)। यानी समान 28 दिन की साइकिल के लिए उपभोक्ता को सीधे 50 रुपये (करीब 16.7%) अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं।

जियो की प्राइम मेंबरशिप: परोक्ष रूप से 8% का भार

रिलायंस जियो ने प्लान बंद करने के बजाय 'जियो प्राइम मेंबरशिप' की नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत ₹300 वार्षिक शुल्क चुकाने पर ग्राहकों को एक साल तक 'प्राइस प्रोटेक्शन' की गारंटी दी जा रही है—अर्थात आगामी दिनों में प्लान महंगे होने पर भी मेंबरशिप धारक पुराने रेट पर ही रिचार्ज कर सकेंगे। यदि ₹300 के इस सालाना शुल्क को मासिक चक्र के आधार पर विभाजित किया जाए (लगभग ₹25 प्रतिमाह), तो ₹299 के बेस प्लान पर यह वास्तव में करीब 8 प्रतिशत की अप्रत्यक्ष बढ़ोतरी के बराबर है।

आगे रिचार्ज कब और कितने महंगे होने वाले हैं?

बाजार विश्लेषकों और प्रमुख शोध संस्थानों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियां इस साल के अंत तक टैरिफ में अगला बड़ा आधिकारिक संशोधन कर सकती हैं:

  • सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च: इस वित्तीय शोध संस्थान का अनुमान है कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया अक्टूबर से दिसंबर 2026 के मध्य अपने सभी प्रीपेड प्लान्स की कीमतों में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं।
  • एक्सिस कैपिटल: ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, अगले 3 से 6 महीनों के भीतर कंपनियां 10 से 12 प्रतिशत की टैरिफ बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती हैं। ₹199 में 28 दिन (2GB कुल डेटा) वाले प्लान को हटाकर ₹219 (3GB कुल डेटा) का बेस प्लान लाया जा सकता है।
  • मोतीलाल ओसवाल का विश्लेषण: फर्म के अनुसार, यदि जियो अगले 6 महीनों में अपने ₹299 वाले प्लान को बढ़ाकर ₹349 करता है, तो प्राइम मेंबरशिप लेने वाले ग्राहकों को हर महीने ₹50 की बचत होगी और ₹300 की मेंबरशिप फीस 6 महीने में वसूल हो जाएगी। हालांकि, यदि बढ़ोतरी 6 महीने के बाद होती है, तो ग्राहकों की बचत काफी सीमित रह जाएगी।

भारत में कब-कब बढ़े मोबाइल रिचार्ज के दाम? 

5 सितंबर 2016 को रिलायंस जियो के आगमन से पूर्व भारत में 1GB 3G/4G डेटा की औसत लागत करीब ₹225 थी। जियो द्वारा दी गई मुफ्त सेवाओं और कड़े मूल्य युद्ध (Price War) के कारण 2018-19 तक 1GB डेटा की कीमत घटकर मात्र ₹7.7 रह गई थी। हालांकि, बाजार के स्थिर होने के बाद कंपनियों ने तीन बड़े चरणों में टैरिफ बढ़ाए:

  • दिसंबर 2019 (40% तक बढ़ोतरी): एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और जियो ने लगभग 40% तक कीमतें बढ़ाईं। जियो का ₹149 वाला प्लान ₹199 और एयरटेल का ₹199 वाला प्लान ₹248 का हुआ।
  • दिसंबर 2021 (20% तक बढ़ोतरी): कंपनियों ने औसत 20% टैरिफ बढ़ाए। एयरटेल का ₹249 वाला प्लान ₹299 और जियो का ₹199 वाला प्लान ₹239 पर पहुंचा।
  • जुलाई 2024 (17-19% तक बढ़ोतरी): रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, इस दौर में सभी कंपनियों ने 17 से 25 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए, जिससे जियो का ₹299 वाला प्लान ₹349 का हो गया था।

आखिर टेलीकॉम कंपनियां लगातार क्यों बढ़ा रही हैं रिचार्ज की कीमतें?

कंपनियों द्वारा टैरिफ में लगातार इजाफा करने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े वित्तीय और तकनीकी कारण मौजूद हैं:

प्रति यूजर कमाई (ARPU) में वैश्विक अंतर

टेलीकॉम कंपनियों की वित्तीय सेहत का मुख्य पैमाना ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) होता है। अगस्त 2025 तक एयरटेल का ARPU ₹250, जियो का ₹209 और वोडाफोन-आइडिया का ₹165 था, जबकि पूरे भारतीय उद्योग का औसत ARPU ₹174.46 रहा। इसकी तुलना में अमेरिका में प्रति यूजर औसत कमाई ₹4,300, यूरोप में ₹1,000 और चीन में ₹600 के करीब है। कंपनियां अपने भारी पूंजीगत व्यय को संतुलित करने के लिए ARPU को ₹225 से ₹250 के पार ले जाना चाहती हैं।

5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ ₹3.5 लाख करोड़ का निवेश

देश भर में 5G नेटवर्क खड़ा करने, स्पेक्ट्रम नीलामी में बोलियां लगाने और 4.6 लाख से अधिक 5G टावर स्थापित करने के लिए जियो ने करीब ₹2 लाख करोड़ और एयरटेल ने लगभग ₹1.5 लाख करोड़ खर्च किए हैं। अब तक 5G डेटा उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम चार्ज के दिया जा रहा था। अब कंपनियां इस भारी पूंजीगत निवेश (Capex) पर रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) हासिल करने के लिए टैरिफ बढ़ा रही हैं।

AGR बकाया और कर्ज चुकाने की बाध्यता

कंपनियों पर केंद्र सरकार का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) और स्पेक्ट्रम का भारी पुराना वित्तीय बकाया है। विशेषकर वोडाफोन-आइडिया पर करीब 64,046 करोड़ रुपये का एजीआर बकाया फ्रीज है, जिसे वित्त वर्ष 2032 से 2041 के बीच चुकाना है। इस वित्तीय देनदारी को पूरा करने और पॉजिटिव कैश-फ्लो बनाए रखने के लिए कंपनियों के पास टैरिफ बढ़ाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. एयरटेल ने हाल ही में कौन-से प्रीपेड प्लान्स बंद किए हैं?

एयरटेल ने ₹249, ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 वाले 5 प्रीपेड रिचार्ज प्लान बंद कर दिए हैं।

2. जियो की ₹300 वाली प्राइम मेंबरशिप का क्या फायदा है?

जियो प्राइम मेंबरशिप लेने पर ग्राहकों को 1 साल तक प्राइस प्रोटेक्शन मिलता है, यानी आगामी दिनों में रिचार्ज महंगा होने पर भी वे मौजूदा दरों पर ही रिचार्ज कर सकेंगे।

3. टेलीकॉम कंपनियों द्वारा अगला प्राइस हाइक कब तक आने की उम्मीद है?

वित्तीय शोध फर्म्स के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान प्रीपेड प्लान्स में 10% से 15% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

4. भारत में टेलीकॉम कंपनियां बार-बार कीमतें क्यों बढ़ा रही हैं?

कम ARPU (प्रति यूजर कमाई), 5G नेटवर्क पर हुए ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश की भरपाई और सरकार के पुराने AGR बकाये के भुगतान के कारण कंपनियां रिचार्ज दरें बढ़ा रही हैं।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
विशेष संवाददाता

मध्य प्रदेश, विंध्य, बुंदेलखंड और राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर द सिटी एक्सप्रेस की विशेष रिपोर्टिंग टीम।

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