✍️ विशेष संवाददाता•Published On 20th Aug, 2026 @ 12:29 PM
कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में क्राइस्ट ज्योति स्कूल के पास छुट्टी के वक्त हुआ बड़ा हादसा; 3 मंजिल की परमिशन पर तान दी थीं 5 मंजिलें, एसडीएम सिटी ने दिए अवैध निर्माण ढहाने के निर्देश।
TCE सतना डेस्क। मध्य प्रदेश के सतना शहर स्थित कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बैंक कॉलोनी में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत का भारी मलबा अचानक सड़क पर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे 4 मासूम बच्चे और एक 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि सड़क किनारे खड़ी एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रशासनिक व तकनीकी जांच में यह गंभीर खुलासा हुआ है कि नगर निगम से केवल ग्राउंड फ्लोर समेत तीन मंजिला भवन निर्माण की अनुमति ली गई थी, लेकिन बिल्डर ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर अवैध रूप से 5 मंजिला इमारत तान दी थी।
स्कूल के गेट नंबर 3 के पास हादसा, मलबे की चपेट में आए मासूम
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, क्राइस्ट ज्योति स्कूल के पीछे गेट नंबर 3 वाली गली में योगेश त्रिपाठी (पिता बद्री प्रसाद त्रिपाठी) द्वारा एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे स्कूल की घंटी बजने के बाद बच्चे अपने-अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान भवन के सबसे ऊपरी फ्लोर से अचानक ईंट और भारी मलबा सीधे नीचे सड़क पर आ गिरा।
मलबे की चपेट में आने से निम्नलिखित लोग घायल हुए हैं:
- संतोष श्रीवास्तव (63 वर्ष): पति स्वर्गीय अर्जुन श्रीवास्तव, निवासी मुनीम टॉवर भरहुत नगर (सिर पर ईंट लगने से गंभीर चोट आई)।
- दिव्यांश श्रीवास्तव (10 वर्ष): संतोष श्रीवास्तव के नाती।
- अभ्यांश मिश्रा (10 वर्ष): स्कूली छात्र।
- समृद्धि राय एवं आयुष्मान राय: पिता मुकेश राय, दोनों स्कूली बच्चे।
हादसे में पास ही पार्क की गई कार (क्रमांक MP 17 CB 1074) भी मलबे के भारी वजन से बुरी तरह पिचक गई। स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
3 मंजिल की इजाजत पर बना डालीं 5 मंजिलें, 3 फीट का छज्जा बढ़ाकर अतिक्रमण
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया प्रशासनिक व पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जब नगर निगम के अधिकारियों से भवन निर्माण के वैध दस्तावेजों और स्वीकृत लेआउट की पड़ताल कराई गई, तो बिल्डर की बड़ी लापरवाही और नियमों का खुला उल्लंघन सामने आया।
जांच में पाया गया कि भवन स्वामी योगेश त्रिपाठी के पास केवल भूतल समेत 3 मंजिल की वैध परमिशन थी, लेकिन मौके पर धड़ल्ले से दो अतिरिक्त मंजिलें खड़ी कर दी गई थीं। इसके अलावा सुरक्षा जाली या सेफ्टी नेट लगाए बिना ही सार्वजनिक रास्ते पर 3 फीट आगे तक छज्जा निकालकर अवैध अतिक्रमण भी किया गया था।
निर्माण कार्य पर रोक, अवैध हिस्सा गिराने और खर्च वसूली का आदेश
एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कई कड़े दंडात्मक निर्देश जारी किए हैं:
- अवैध निर्माण ढहाने के निर्देश: नगर निगम के भवन अधिकारी को नोटिस जारी कर स्वीकृत नक्शे से अतिरिक्त किए गए पूरे अवैध निर्माण को तत्काल गिराने और उस पर आने वाले खर्च की वसूली भवन स्वामी से करने का आदेश दिया गया है।
- पार्क भूमि की जांच: मौके का नए सिरे से सीमांकन कराने को कहा गया है। यदि निर्माण वाली जमीन लेआउट में पार्क या सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित पाई जाती है, तो संपूर्ण निर्माण निरस्तीकरण की कार्रवाई 24 घंटे में शुरू होगी।
- काम पर पूर्ण प्रतिबंध: भवन मालिक को 7 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देने, स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार का निर्माण न करने की सख्त हिदायत दी गई है। उल्लंघन करने पर इमारत को सीधे सील किया जाएगा।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने निर्माणाधीन बिल्डिंग के चारों ओर बैरिकेड्स लगाकर उस रास्ते पर आम नागरिकों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. सतना में निर्माणाधीन बिल्डिंग का मलबा गिरने का हादसा कहां हुआ?
यह हादसा कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी में क्राइस्ट ज्योति स्कूल के गेट नंबर 3 के पास वाली गली में हुआ।
2. हादसे में कौन-कौन लोग घायल हुए हैं?
हादसे में 63 वर्षीय संतोष श्रीवास्तव और 4 स्कूली बच्चे (दिव्यांश, अभ्यांश, समृद्धि और आयुष्मान) घायल हुए हैं।
3. इमारत निर्माण में नगर निगम के किन नियमों का उल्लंघन पाया गया?
बिल्डिंग को केवल 3 मंजिल (भूतल सहित) की स्वीकृति मिली थी, लेकिन अवैध रूप से 5 मंजिल बना दी गई थीं और सार्वजनिक सड़क पर 3 फीट का छज्जा बढ़ाकर अतिक्रमण किया गया था।
4. प्रशासन ने भवन मालिक के खिलाफ क्या कार्रवाई के निर्देश दिए हैं?
एसडीएम सिटी ने निर्माण पर रोक लगाते हुए अवैध हिस्से को गिराने, खर्च की वसूली करने और 7 दिन के भीतर जवाब पेश करने का नोटिस जारी किया है।