✍️ विशेष संवाददाता•Published On 20th Aug, 2026 @ 12:55 PM
विंध्य क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित रेल नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम; रामपुर नैकिन से चुरहट खंड का सफल कमीशनिंग व हाई-स्पीड ट्रायल पूरा, जल्द नियमित परिचालन की दिशा में बढ़ेंगे कदम।
TCE विंध्य डेस्क। विंध्य क्षेत्र के सबसे बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी रीवा-सीधी रेल परियोजना (Rewa-Sidhi Railway Project) को लेकर एक बेहद उत्साहवर्धक और ऐतिहासिक प्रगति सामने आई है। परियोजना अंतर्गत रामपुर नैकिन से चुरहट के बीच 23 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेल खंड पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से ट्रेन का सफल स्पीड ट्रायल (परीक्षण) किया गया है। रेलवे के उच्चाधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुए इस हाई-स्पीड परीक्षण को परियोजना के अंतिम चरण की ओर बढ़ने की दिशा में निर्णायक और मील का पत्थर माना जा रहा है।
23 किमी रेल खंड पर 110 किमी/घंटे का हाई-स्पीड ट्रायल
रेलवे से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रामपुर नैकिन–चुरहट सेक्शन पर ट्रैक की भार वहन क्षमता, पटरियों की स्थिरता, सिग्नलिंग प्रणाली और ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की सक्रियता को जांचने के लिए लोकोमोटिव को 110 किमी/घंटा की अधिकतम निर्धारित गति से दौड़ाया गया।
इस स्पीड ट्रायल के दौरान रेलवे के तकनीकी दल ने ट्रैक के कंपन, मोड़ों पर गति नियंत्रण और सुरक्षा मानकों की सूक्ष्मता से जांच की। संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह 23 किलोमीटर लंबा रेल खंड तकनीकी मापदंडों पर पूरी तरह खरा उतरा है और इसे सफलतापूर्वक कमीशनिंग चरण में शामिल कर लिया गया है।
विंध्य की लाइफलाइन बनेगा रीवा-सीधी रेल मार्ग
रीवा और सीधी के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होना विंध्य अंचल के नागरिकों की दशकों पुरानी मांग रही है। सीधी, सिंगरौली और आसपास के सुदूर अंचलों के लिए रीवा संभाग का प्रमुख प्रशासनिक, व्यापारिक, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र (संजय गांधी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज) है।
अब तक दोनों शहरों के बीच आवागमन पूरी तरह से सड़क मार्ग और मोहनिया टनल वाले रूट पर निर्भर था। रेल लाइन के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद क्षेत्र में न केवल माल ढुलाई को गति मिलेगी, बल्कि आम यात्रियों के लिए रीवा-सीधी का सफर सुरक्षित, बेहद किफायती और समय बचाने वाला साबित होगा।
क्या तत्काल शुरू हो गई है यात्री ट्रेन सेवा?
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल और कमीशनिंग पूरा होने का तात्पर्य यह नहीं है कि इस मार्ग पर नियमित यात्री रेल सेवा आज से ही प्रारंभ हो गई है।
किसी भी नए रेल मार्ग पर नियमित पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू करने से पहले एक निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया जाता है, जिसके अंतर्गत:
- रेल संरक्षा आयुक्त (CRS - Commissioner of Railway Safety) द्वारा अंतिम वैधानिक व भौतिक निरीक्षण किया जाता है।
- सीआरएस से स्पीड सर्टिफिकेट और औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद रेलवे बोर्ड द्वारा टाइम-टेबल निर्धारित किया जाता है।
- इसके बाद ही नियमित यात्री गाड़ियों के संचालन की तारीख अधिसूचित की जाती है।
क्षेत्रीय नागरिकों और व्यापारियों में भारी उत्साह
रामपुर नैकिन से चुरहट के बीच तेज रफ्तार ट्रेन के सफल ट्रायल की खबर मिलते ही समूचे सीधी और रीवा जिले के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि अब वह दिन दूर नहीं जब सीधी सीधे देश के रेल मानचित्र पर रीवा और प्रयागराज/जबलपुर से पूरी तरह जुड़ जाएगा। लोगों को उम्मीद है कि परियोजना के शेष बचे हिस्सों का कार्य भी रेलवे इसी गति से पूरा करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. रीवा-सीधी रेल परियोजना के किस खंड पर स्पीड ट्रायल हुआ है?
परियोजना के रामपुर नैकिन से चुरहट के बीच स्थित 23 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर 110 किमी/घंटा की गति से सफल परीक्षण किया गया है।
2. 110 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य नवनिर्मित ट्रैक की मजबूती, संरक्षा, स्थिरता और उच्च गति पर सुरक्षित परिचालन की तकनीकी क्षमता को परखना होता है।
3. क्या रामपुर नैकिन से चुरहट के बीच यात्री ट्रेनें शुरू हो गई हैं?
नहीं, अभी केवल तकनीकी स्पीड ट्रायल और कमीशनिंग का कार्य पूरा हुआ है। नियमित यात्री सेवा सीआरएस (CRS) निरीक्षण और रेलवे बोर्ड की औपचारिक अनुमति के बाद शुरू होगी।
4. इस रेल मार्ग के पूरा होने से विंध्य को क्या फायदा होगा?
रीवा और सीधी के बीच सीधा, सुगम और सस्ता संपर्क स्थापित होगा, जिससे व्यापार, रोजगार, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आम जनता की पहुंच आसान होगी।