नई दिल्ली / भ्रष्टाचार-अपराधदेश

दिल्ली जल बोर्ड STP टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और सीनियर IAS उदित प्रकाश राय समेत 6 गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई

•5 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली / भ्रष्टाचार-अपराध: दिल्ली जल बोर्ड STP टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और सीनियर IAS उदित प्रकाश राय समेत 6 गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली जल बोर्ड STP टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और सीनियर IAS उदित प्रकाश राय समेत 6 गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाईसाभार: The City Express

मुख्य बिंदुQuick Read

  • पूर्व मंत्री व IAS अफसर गिरफ्तार: एसीबी ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ (IAS) उदित प्रकाश राय सहित 6 आरोपियों को हिरासत में लिया।
  • टेंडर शर्तों में हेरफेर का आरोप: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अपग्रेडेशन टेंडर में यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी शर्तों को बदला गया।

TCE नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले में एसीबी ने दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने मामले में शामिल वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह संपूर्ण कार्रवाई 11 मई 2024 को दर्ज एफआईआर संख्या 10/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में की गई है।

सत्येंद्र जैन और आईएएस उदित प्रकाश समेत ये 6 आरोपी गिरफ्तार

एसीबी द्वारा इस बहुचर्चित टेंडर घोटाले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

  • सत्येंद्र कुमार जैन: पूर्व जल मंत्री, दिल्ली सरकार।
  • उदित प्रकाश राय: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व सीईओ, दिल्ली जल बोर्ड।
  • अंकित श्रीवास्तव: पूर्व संविदा सलाहकार (कंसल्टेंट), दिल्ली जल बोर्ड।
  • नागेंद्र यादव: प्रोप्राइटर, एएन इंटरप्राइजेज (AN Enterprises)।
  • राजा कुमार कुर्रा: मालिक, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Euroteck Environment Pvt. Ltd.)।
  • पंकज वर्मा: प्रोप्राइटर, श्रीजंहार।

टेंडर की तकनीकी शर्तों में फेरबदल कर दिया गया अनुचित लाभ

जांच एजेंसी एसीबी के अनुसार, यह पूरा घोटाला दिल्ली के विभिन्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) के अपग्रेडेशन और उनकी जल शोधन क्षमता बढ़ाने के लिए जारी किए गए टेंडरों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि तत्कालीन जल मंत्री और जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने मिलीभगत कर टेंडर की तकनीकी और वित्तीय शर्तों में सुनियोजित तरीके से बदलाव किए।

बिना किसी प्रस्तावित पायलट स्टडी या तकनीकी परीक्षण के टेंडर में ऐसी विशिष्ट शर्तें जोड़ी गईं, जिससे अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों की पात्रता समाप्त हो गई और 'यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड' को सीधे तौर पर ठेका दे दिया गया। इस पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया से सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा।

ई-मेल और संदेशों से उजागर हुआ आपराधिक गठजोड़

एसीबी को जांच के दौरान कई पुख्ता डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और निजी कंपनी संचालकों के बीच हुए ई-मेल, व्हाट्सएप संदेशों और कॉल रिकॉर्ड्स के फॉरेंसिक विश्लेषण से यह साबित हुआ कि टेंडर के आधिकारिक दस्तावेज और संशोधन (Corrigendum) सार्वजनिक होने से पहले ही आपस में साझा कर लिए गए थे। इसके बाद कंपनियों के निर्देशानुसार ही सरकारी टेंडर के प्रारूप को अंतिम रूप दिया गया।

1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत और संपत्तियों में निवेश का खुलासा

एसीबी की जांच में एक जटिल वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) भी उजागर हुआ है। जांच के अनुसार, दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके करीबी रिश्तेदारों के विभिन्न बैंक खातों में 'एएन इंटरप्राइजेज' के माध्यम से लगभग 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि ट्रांसफर की गई थी।

यह राशि यूरोटेक कंपनी से जुड़ी विभिन्न मुखौटा (शेल) इकाइयों के जरिए घुमाकर भेजी गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रिश्वत के पैसे का इस्तेमाल बाद में अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में किया गया। एसीबी अब इस पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन की कड़ियों और अन्य लाभार्थियों की गहन जांच कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. दिल्ली जल बोर्ड मामले में एसीबी ने किन्हें गिरफ्तार किया है?

एसीबी ने पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व सीईओ (IAS) उदित प्रकाश राय, पूर्व सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और निजी कंपनियों के 3 संचालकों सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

2. यह मामला किस परियोजना के टेंडर घोटाले से संबंधित है?

यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार हेतु जारी टेंडर में नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार से जुड़ा है।

3. मामले में कितनी रिश्वत और मनी ट्रेल का आरोप है?

एसीबी के अनुसार, तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के खातों में कंपनियों के जरिए लगभग 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि भेजी गई थी।

4. यह मामला किस वर्ष की एफआईआर पर आधारित है?

यह कार्रवाई 11 मई 2024 को दर्ज एफआईआर संख्या 10/2024 (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व आपराधिक साजिश) के तहत की गई है।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
विशेष संवाददाता

मध्य प्रदेश, विंध्य, बुंदेलखंड और राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर द सिटी एक्सप्रेस की विशेष रिपोर्टिंग टीम।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं

खुला मंच
इस खबर पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबसे पहले अपनी राय साझा करें!

देश की अन्य खबरें

16 खबरें प्रदर्शित

मध्य प्रदेश की मुख्य खबरें

और देखें >

📍मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से समाचार (District Dispatches)

आस-पास के जिले

सतना की बड़ी खबरें

सतना का पूरा पेज >

सीधी की बड़ी खबरें

सीधी का पूरा पेज >

भोपाल की बड़ी खबरें

भोपाल का पूरा पेज >

इंदौर की बड़ी खबरें

इंदौर का पूरा पेज >