MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून का मजबूत सिस्टम एक बार फिर असर दिखा रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और आसपास के इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है, जबकि प्रशासन को एहतियात के तौर पर स्कूल बंद करने पड़े हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। IMD ने 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए बहुत भारी बारिश और आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती हैं।
डिंडौरी और मैहर में स्कूल बंद, आंगनवाड़ियों की भी छुट्टी
लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए डिंडौरी और मैहर में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और कई मार्गों पर पानी आने की स्थिति सामने आई थी।
मैहर में 7 फीट गहरे पानी में फंसा ट्रक, ड्राइवर-क्लीनर को बचाया
मैहर जिले में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मर्जुआ नाले को पार करने के दौरान ट्रक क्रमांक MP19 ZR 7976 तेज बहाव और करीब 7 फीट गहरे पानी में फंस गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे। बताया गया कि वे तैरकर ट्रक तक पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से रस्सा बांधा गया। इसके बाद रस्से के सहारे ट्रक चालक राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारी बारिश के दौरान नदी और नालों को पार करने की कोशिश कितनी खतरनाक हो सकती है, यह घटना उसका एक बड़ा उदाहरण है। प्रशासन की ओर से भी लोगों को उफनते नालों और जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी जा रही है।
📅 21 अगस्त 2026: अति भारी बारिश का रेड अलर्ट
🔴 अति भारी बारिश | 28 से 32+°C
टीकमगढ़ और छतरपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
🟠 भारी बारिश | 28 से 32+°C
ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भारी बारिश का अलर्ट है।
🔵 बारिश | 30 से 35+°C
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांडुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश की संभावना है।
📅 22 अगस्त 2026: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
🔴 भारी बारिश | 28 से 32+°C
दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांडुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है। नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
🔵 बारिश | 30 से 35+°C
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश की संभावना बनी हुई है।
📅 23 अगस्त 2026: भारी बारिश का रेड अलर्ट
🔴 भारी बारिश | 28 से 32+°C
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी है। लगातार तेज बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन प्रभावित हो सकता है।
🔵 बारिश | 30 से 35+°C
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांडुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में बारिश की संभावना है।
⚠️ सावधानी: भारी या अति भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों के पास जाने से बचें, जलभराव वाले मार्गों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश की गतिविधि अधिक प्रभावी बनी हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में डिंडौरी, पन्ना, सतना, रीवा और आसपास के जिलों में पहले से ही लगातार बारिश का असर देखा जा रहा है। सरकारी समाचार सेवा आकाशवाणी ने भी पन्ना, डिंडौरी और सतना समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात और तेज बारिश की स्थिति की जानकारी दी है।
इन जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने के आसार
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
IMD के अनुसार 21 अगस्त से मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक वर्षा गतिविधि की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह दौर अधिक प्रभावी बना हुआ है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है।
पूर्वी हिस्से में सक्रिय मजबूत सिस्टम, आगे मध्य और पश्चिमी MP की ओर बढ़ेगा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ और अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश हो रही है। अनुमान है कि 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश के हिस्सों तक भी विस्तार कर सकती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर जारी IMD के पूर्वानुमान में भी मध्य भारत में व्यापक वर्षा गतिविधि का संकेत दिया गया है। 21 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश और 21 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में अब तक 23.6 इंच बारिश, सामान्य से 11% कम
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 599 मिमी यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के आंकड़े से कम है और प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत नीचे बनी हुई है।
हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, लेकिन पूरे मानसून सीजन के संचयी आंकड़ों में प्रदेश के कई जिले अब भी सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में बने हुए हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है।
कई जिलों में सामान्य से कम, कुछ जिलों में ज्यादा बारिश
मानसून सीजन में बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की कमी दर्ज की गई है।
दूसरी ओर अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ जैसे कुछ जिलों में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
जून कमजोर रहा, जुलाई-अगस्त में सुधरी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून के बीच में दो बार ब्रेक जैसी स्थिति बनने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं।
जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर अच्छी बारिश हुई। हालांकि पूरे मानसून सीजन की बारिश में जून की कमी की पूरी भरपाई अभी तक नहीं हो सकी है।
MP में सामान्य मानसूनी बारिश कितनी होती है?
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य औसत बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
- उफनते नदी-नालों और पुलों को पार करने की कोशिश न करें।
- तेज बहाव वाले पानी में वाहन लेकर न उतरें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के खंभों और खुले तारों से दूर रहें।
- बच्चों को नदी, तालाब और नालों के पास जाने से रोकें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
MP Weather Update: आगे क्या?
मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पूर्वी हिस्से में फिलहाल बारिश का असर ज्यादा है, जबकि आने वाले दिनों में मध्य और पश्चिमी जिलों में भी वर्षा गतिविधि बढ़ सकती है। IMD ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों के लिए अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ऐसे में रीवा, सतना, पन्ना, डिंडौरी, मैहर और आसपास के जिलों के लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बदल सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
FAQs
क्या रीवा और सतना में बारिश जारी रहेगी?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। रीवा और सतना समेत आसपास के जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में किन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं?
पूर्वी मध्य प्रदेश के डिंडौरी, पन्ना, सतना और आसपास के कुछ इलाकों में लगातार तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है और कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हैं।
डिंडौरी में स्कूल क्यों बंद किए गए?
लगातार तेज बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी की गई है। डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून की बारिश सामान्य से कम है या ज्यादा?
प्रदेश में कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है, लेकिन पूरे मध्य प्रदेश के संचयी मानसूनी आंकड़ों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।