रीवा | हाईकोर्टरीवा

डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति को हाईकोर्ट में चुनौती: सरकार और मेडिकल कॉलेज को नोटिस; 20 नवंबर को अगली सुनवाई

•4 मिनट पढ़ने का समय
रीवा मेडिकल कॉलेज की डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति के खिलाफ हाईकोर्ट याचिका
डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकासाभार: TCH

मुख्य बिंदुQuick Read

  • डॉ. सोनल अग्रवाल ने WP 41219/2026 के जरिए याचिका दायर की।
  • हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
  • 16 सितंबर 2026 का सेवा समाप्ति आदेश फिलहाल प्रभावी है।
  • अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को होगी।

रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल ने अपनी सेवा समाप्ति के आदेश को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने WP 41219/2026 के जरिए याचिका दायर की है। 5 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

सेवा समाप्ति के आदेश पर फिलहाल रोक नहीं

हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान डॉ. सोनल अग्रवाल को तत्काल राहत नहीं मिली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोर्ट ने फिलहाल सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाने या उन्हें तत्काल सेवा में वापस लेने का आदेश नहीं दिया है। ऐसे में 16 सितंबर 2026 को जारी सेवा समाप्ति का आदेश फिलहाल प्रभावी है।

सरकार और मेडिकल कॉलेज से मांगा जवाब

याचिका में मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त और श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा के डीन सहित संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। कोर्ट ने इन पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

16 सितंबर को समाप्त की गई थी सेवा

श्याम शाह मेडिकल कॉलेज की कार्यकारिणी समिति के निर्णय के आधार पर 16 सितंबर 2026 को डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त की गई थीं। वह स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थीं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी नियुक्ति 10 नवंबर 2015 को हुई थी और उन्होंने 20 नवंबर 2015 को कार्यभार संभाला था।

सेवा समाप्ति के आदेश में भविष्य में शासकीय या स्वशासी सेवा के लिए उनकी अयोग्यता का भी उल्लेख किया गया था।

सेवा समाप्ति की कार्रवाई 2023 की विभागीय शिकायत से जुड़ी

उपलब्ध सरकारी कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति का मूल आधार 2023 में सामने आई विभागीय शिकायत थी। शिकायत में मरीजों को निजी नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने के आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी। समिति ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके बाद नोटिस और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई तथा कार्यकारिणी समिति के निर्णय के आधार पर सेवा समाप्ति का आदेश जारी हुआ।

कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले में अलग से हुई थी कार्रवाई

अगस्त 2026 में संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को लेकर अलग कार्रवाई हुई थी। इस मामले में डॉ. सोनल अग्रवाल को भी निलंबित किया गया था।

महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर 16 सितंबर की सेवा समाप्ति को सीधे कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत की घटना में हुई बर्खास्तगी के रूप में नहीं लिखा जा सकता। सेवा समाप्ति की कार्रवाई 2023 की विभागीय शिकायत से जुड़ी बताई गई है, जबकि कल्पना मिश्रा मामले में निलंबन और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई अलग प्रक्रिया का हिस्सा रही।

अब हाईकोर्ट में आगे बढ़ेगा मामला

अब शासन और मेडिकल कॉलेज की ओर से हाईकोर्ट में जवाब पेश किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट मामले के रिकॉर्ड और पक्षकारों के जवाब के आधार पर आगे सुनवाई करेगा। फिलहाल डॉ. सोनल अग्रवाल को सेवा समाप्ति के आदेश पर कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को निर्धारित है।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
शशांक द्विवेदी
सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक • The City Express

द सिटी एक्सप्रेस के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक। नीतिगत विश्लेषण, समसामयिक विषयों पर गहन दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समाचार समन्वय। डिजिटल मीडिया आचार संहिता व शिकायत निवारण (Grievance Redressal) के प्रभारी।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं

खुला मंच
इस खबर पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबसे पहले अपनी राय साझा करें!

रीवा की अन्य खबरें

15 खबरें प्रदर्शित

मध्य प्रदेश की मुख्य खबरें

और देखें >

📍मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से समाचार (District Dispatches)

आस-पास के जिले

सतना की बड़ी खबरें

सतना का पूरा पेज >

सीधी की बड़ी खबरें

सीधी का पूरा पेज >

भोपाल की बड़ी खबरें

भोपाल का पूरा पेज >

इंदौर की बड़ी खबरें

इंदौर का पूरा पेज >