रीवा में जमीन के भूखंड और स्कूल भवन से जुड़ी करीब 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है। यह मामला मध्य प्रदेश के पूर्व सरकारी कर्मचारी महेंद्र प्रताप सिंह और उनकी पत्नी रीता सिंह से जुड़ा है। ED के मुताबिक, जांच अवधि के दौरान महेंद्र प्रताप सिंह की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग 191.11 प्रतिशत अधिक पाई गई। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
रीवा में जमीन और स्कूल भवन पर ED की कार्रवाई
ईडी की भोपाल जोनल इकाई की कार्रवाई में रीवा में स्थित एक भूखंड और स्कूल भवन शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का संबंध कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय से है। संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1.64 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई PMLA की धारा 5(1) के तहत की गई अस्थायी कुर्की है। इसका उद्देश्य जांच के दौरान संबंधित संपत्तियों को बेचे जाने या उनका हस्तांतरण किए जाने से रोकना है।
191.11 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
ईडी के मुताबिक, 13 फरवरी 1995 से 9 सितंबर 2020 तक की जांच अवधि में महेंद्र प्रताप सिंह की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में करीब 191.11 प्रतिशत अधिक पाई गई। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी सेवा के दौरान कथित रूप से अर्जित रकम का इस्तेमाल बीमा पॉलिसियों, वाहनों, जमीन और स्कूल भवन जैसी संपत्तियों में किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, संपत्ति खरीदने और निर्माण में खर्च की गई रकम के स्रोतों को लेकर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। इसी आधार पर ईडी ने संबंधित संपत्तियों को कथित अपराध से प्राप्त आय से जुड़ा मानते हुए अस्थायी कुर्की की कार्रवाई की।
पहले EOW ने की थी जांच
इस मामले की शुरुआत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल में दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले से हुई थी। ईओडब्ल्यू की जांच के बाद रीवा की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। इसी मामले से जुड़े धन के लेन-देन की जांच ईडी ने PMLA के तहत की।
आगे भी जारी रहेगी जांच
ईडी के अनुसार, मामले में धन के स्रोत और उससे जुड़ी अन्य संपत्तियों की पड़ताल जारी है। PMLA के तहत अस्थायी कुर्की के बाद संबंधित संपत्ति पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होती है। संपत्ति के संबंध में अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकरण और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
इस मामले में फिलहाल प्रमुख तथ्य यह है कि रीवा में करीब 1.64 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।
