रीवा / जिला न्यायालय। सड़क निर्माण कार्य का भुगतान लंबे समय तक लंबित रहने से जुड़े मामले में रीवा जिला न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर और अधीक्षण यंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत की ओर से समन भेजे जाने के बावजूद अधिकारियों के पेश नहीं होने पर यह कदम उठाया गया। मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
क्या है रीवा में PWD अधिकारियों के गिरफ्तारी वारंट का मामला?
मामला ठेकेदार महेंद्र पटेल के सड़क निर्माण कार्य और उसके भुगतान से संबंधित है। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में सड़क निर्माण का 85 प्रतिशत काम पूरा कराया गया था, लेकिन ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
खबर के मुताबिक, भुगतान को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई और निर्देश दिए जाने के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका। अदालत में मामला पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारियों को पेश होने के लिए समन भेजे गए थे। अधिकारियों की ओर से पेशी नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
लंबे समय से लंबित है भुगतान का विवाद
ठेकेदार महेंद्र पटेल का पक्ष है कि सड़क निर्माण का काम कराने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। समाचार में उल्लेख है कि वर्ष 2015 में काम 85 प्रतिशत पूरा होने के बाद भुगतान को लेकर विवाद सामने आया था। मामला लंबे समय तक लंबित रहने के बाद न्यायालय में सुनवाई के स्तर तक पहुंचा।
इस प्रकरण में भुगतान, विभागीय कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों की अदालत में उपस्थिति प्रमुख मुद्दे हैं। गिरफ्तारी वारंट जारी होने का अर्थ अपने आप में किसी अधिकारी को दोषी ठहराया जाना नहीं है। मामले के तथ्यों और संबंधित पक्षों के दावों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में विचार किया जाएगा।
22 अक्टूबर को अगली सुनवाई
रीवा जिला न्यायालय ने मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को निर्धारित की है। आगे की कार्यवाही में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और भुगतान विवाद से जुड़े तथ्यों पर क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर रहेगी।
इस मामले में अधिकारियों का पक्ष, वारंट की तामील की स्थिति और न्यायालय के अगले आदेश की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
