रीवा: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से शुरू करने की तैयारी पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा 25 सितंबर 2026 से शुरू होगी। पहले चरण में भोपाल समेत सात शहरों से 351 बसें चलाई जाएंगी। इनमें रीवा के लिए 18 बसें शामिल हैं। उपलब्ध रूट चार्ट के अनुसार रीवा क्षेत्र में इंटरसिटी के साथ इंट्रासिटी और सब-अर्बन बस सेवाएं भी प्रस्तावित हैं।
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। शुरुआती चरण में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें सात शहरों के लिए रवाना की जाएंगी।
रीवा से इन चार मार्गों पर चलेंगी बसें
उपलब्ध रूट चार्ट के अनुसार रीवा क्षेत्र में 12 इंटरसिटी और 11 इंट्रासिटी/सब-अर्बन बसों का प्रावधान है। इंटरसिटी सेवाओं में रीवा से सतना, जबलपुर, सीधी और छतरपुर के मार्ग शामिल हैं।
- रीवा-सतना: 8 बसें, माधवगढ़ फोर्ट के रास्ते।
- रीवा-जबलपुर: 6 बसें, अमरपाटन, मैहर और कटनी के रास्ते।
- रीवा-सीधी: 2 बसें, गुढ़ और चुरहट के रास्ते।
- रीवा-छतरपुर: 1 बस, सतना, पन्ना और खजुराहो के रास्ते।
इन मार्गों से रीवा की बस कनेक्टिविटी सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, सीधी, पन्ना और खजुराहो की दिशा में बढ़ेगी। खास तौर पर रीवा-छतरपुर मार्ग में सतना, पन्ना और खजुराहो को शामिल किया गया है।
रीवा में शहर और आसपास के लिए भी बस सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में केवल एक शहर से दूसरे शहर की बसें ही शामिल नहीं हैं। योजना के तहत इंट्रासिटी और सब-अर्बन सेवाएं भी शुरू की जानी हैं। रीवा क्षेत्र के रूट चार्ट में 11 ऐसी बसों का उल्लेख है। इनके जरिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
रीवा-सतना मार्ग पर सबसे ज्यादा बसें
रीवा क्षेत्र के घोषित इंटरसिटी मार्गों में सबसे ज्यादा 8 बसें रीवा-सतना के लिए हैं। यह मार्ग माधवगढ़ फोर्ट के रास्ते प्रस्तावित है। इसके बाद रीवा-जबलपुर मार्ग पर 6 बसें चलेंगी। यह सेवा अमरपाटन, मैहर और कटनी होकर जाएगी।
सीधी और छतरपुर के लिए भी कनेक्टिविटी
रीवा से सीधी के लिए 2 बसें प्रस्तावित हैं। इनका मार्ग गुड़ और चुरहट होकर रहेगा। वहीं रीवा से छतरपुर के लिए 1 बस सतना, पन्ना और खजुराहो होकर चलेगी। इससे यात्रियों को इन शहरों की दिशा में बस यात्रा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
बसों में GPS, CCTV और पैनिक बटन
नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और बसों की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बसों में वास्तविक समय में स्थान की निगरानी, CCTV कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं रहेंगी। बसों के संचालन और समयबद्धता की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए की जाएगी।
बस संचालन की निगरानी के लिए कमांड-कंट्रोल केंद्र भी बनाए गए हैं। सेवा में इलेक्ट्रिक बसों और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की भी योजना है।
बस किराया कितना होगा?
मध्य प्रदेश में अगस्त 2026 में साधारण बसों के अधिकतम यात्री किराये में संशोधन किया गया था। नई दर के अनुसार सामान्य बस का अधिकतम किराया 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया 10 रुपये निर्धारित किया गया है।
हालांकि रीवा से सतना, जबलपुर, सीधी और छतरपुर के लिए वास्तविक टिकट राशि संबंधित सेवा के तय किराया चार्ट के अनुसार होगी। इसलिए यात्रियों को सेवा शुरू होने के बाद जारी किराया सूची के आधार पर टिकट राशि की जानकारी लेनी चाहिए।
2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का विस्तार शुरुआती 351 बसों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ने 2031 तक प्रदेश में करीब 15 हजार सार्वजनिक बसें संचालित करने और 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत हर साल ढाई से तीन हजार नई बसें जोड़ने की बात भी सामने आई है।
सेवा के संचालन में निजी बस संचालकों की भागीदारी वाला जन-निजी भागीदारी मॉडल अपनाया जाएगा। इसका उद्देश्य बस संचालन के साथ बस अड्डों, डिपो और परिवहन से जुड़ी दूसरी सुविधाओं का विस्तार करना भी है।
रीवा के यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
25 सितंबर से सेवा शुरू होने के बाद रीवा के यात्रियों को सतना, जबलपुर, सीधी और छतरपुर की दिशा में नए बस विकल्प मिलेंगे। रीवा-जबलपुर मार्ग में अमरपाटन, मैहर और कटनी तथा रीवा-छतरपुर मार्ग में सतना, पन्ना और खजुराहो जैसे प्रमुख पड़ाव शामिल हैं।
यात्रियों के लिए बसों की नियमित समय-सारणी, किराया, ठहराव और वास्तविक संचालन की जानकारी सबसे महत्वपूर्ण होगी। ये विवरण सेवा शुरू होने के साथ संबंधित परिवहन व्यवस्था के अनुसार स्पष्ट होंगे।
