नई दिल्ली। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती की गई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 543 कैंसर दवा ब्रांड और पैक की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) जारी की हैं। इनमें 397 ब्रांड-पैक के दाम कम हुए हैं, जबकि 146 की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।
संशोधित सूची में कुछ दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर, सैमटेपा इंजेक्शन की कीमत करीब 80 हजार रुपये से घटकर लगभग 7,150 रुपये हो गई है। वहीं, पैल्बोप्रो के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 40,421 रुपये से घटकर 2,720 रुपये रह गई है। हालांकि, सभी कैंसर दवाओं की कीमतें कम नहीं हुई हैं और कुछ महंगी दवाओं की MRP पहले जैसी बनी हुई है।
कैंसर की 397 दवाओं के दाम घटे, 146 की कीमतें अपरिवर्तित
NPPA की ओर से जारी सूची में कैंसर की 543 दवा ब्रांड और पैक के पुराने तथा संशोधित दाम दिए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 397 ब्रांड-पैक की कीमतों में कमी की गई है। यह कुल सूची का लगभग 73 प्रतिशत है। बाकी 146 ब्रांड-पैक की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ।
सूची के अनुसार, 217 ब्रांड-पैक की कीमत घटकर पहले के मुकाबले आधे से भी कम रह गई। 97 ब्रांड-पैक में 70 प्रतिशत से अधिक, 50 में 80 प्रतिशत से अधिक और पांच में 90 प्रतिशत से ज्यादा कटौती दर्ज की गई है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े अलग-अलग ब्रांड, दवा की मात्रा और पैक साइज से जुड़े हैं। एक ही दवा के अलग ब्रांड या पैक की कीमतों में कटौती अलग-अलग हो सकती है। इसलिए मरीजों को अपनी निर्धारित दवा के सही ब्रांड और पैक की नई MRP जांचनी चाहिए।
सैमटेपा इंजेक्शन की कीमत ₹80 हजार से घटकर ₹7,150
संशोधित सूची में सैमटेपा (Samtepa) इंजेक्शन की कीमत में बड़ी कमी दर्ज की गई है। थियोटेपा 100 मिलीग्राम के इस इंजेक्शन की प्रति वायल पुरानी MRP 80,071.86 रुपये थी, जिसे घटाकर 7,150.33 रुपये कर दिया गया है। यह करीब 91 प्रतिशत की कमी है।
इसी तरह, पैल्बोप्रो (Palbopro) के 125 मिलीग्राम वाले 21 कैप्सूल के पैक की कीमत 40,421.33 रुपये से घटाकर 2,720 रुपये कर दी गई है। यह पैक पैल्बोसिक्लिब दवा का है, जिसका इस्तेमाल कुछ प्रकार के स्तन कैंसर के इलाज में किया जाता है।
इन उदाहरणों से पता चलता है कि कुछ कैंसर दवाओं के संशोधित दाम पहले की तुलना में काफी कम हुए हैं। हालांकि, किसी मरीज को वास्तविक बचत कितनी होगी, यह उसकी निर्धारित दवा, ब्रांड, पैक और इलाज की जरूरत पर निर्भर करेगा।
नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी
NPPA के अनुसार, संशोधित MRP सूची दवा कंपनियों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं की संशोधित कीमतों की सूची कंपनियों से जानकारी मिलने के साथ अपडेट की जा सकती है।
नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। इस तारीख से खुदरा विक्रेताओं, अस्पतालों और संबंधित संस्थानों को लागू संशोधित कीमतों के अनुसार दवाएं उपलब्ध करानी होंगी। मरीज दवा की नई कीमत NPPA की वेबसाइट या Pharma Sahi Daam ऐप के माध्यम से भी जांच सकते हैं।
कीट्रूडा समेत कुछ महंगी दवाओं के दाम नहीं बदले
सभी कैंसर दवाओं की कीमतों में कटौती नहीं हुई है। संशोधित सूची में कीट्रूडा (Keytruda) जैसी कुछ महंगी दवाओं की MRP अपरिवर्तित रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कीट्रूडा की संबंधित 100 मिलीग्राम इंजेक्शन की कीमत 2,16,500 रुपये बनी हुई है।
कुछ अन्य महंगी दवाओं की कीमतों में भी बदलाव नहीं दिखा। इसका अर्थ है कि नई व्यवस्था का असर हर दवा पर एक जैसा नहीं है। मरीजों को केवल दवा के नाम के आधार पर कीमत का अनुमान लगाने के बजाय उसके सटीक ब्रांड, मात्रा और पैक की संशोधित MRP देखनी चाहिए।
कुछ दवाओं की कीमतों में बदलाव नहीं होने के पीछे उनके मूल्य निर्धारण और बाजार की अलग-अलग परिस्थितियां हो सकती हैं। किसी विशेष दवा की कीमत क्यों नहीं बदली, इसका निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित दवा की आधिकारिक मूल्य सूची और लागू नियम देखना जरूरी है।
137 कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा
दवा की कीमतों में बदलाव केंद्र सरकार के उस फैसले के बाद हुआ है, जिसके तहत 137 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का कदम उठाया गया। इसका उद्देश्य दवा वितरण और बिक्री श्रृंखला में अत्यधिक मार्जिन पर अंकुश लगाना तथा कैंसर के इलाज का खर्च कम करने में मदद करना है।
सरकार ने कंपनियों को संशोधित MRP की जानकारी देने और नई कीमतों को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को भी लागू तारीख से संशोधित कीमतों का पालन करना होगा। सरकार ने इस कदम से कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई है।
सुप्रीम कोर्ट में भी दवाओं की कीमतों पर सवाल
कैंसर की दवाओं की कीमतों और मरीजों पर इलाज के बढ़ते खर्च का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में भी उठा है। अदालत ने दवाओं की MRP और उनकी बिक्री श्रृंखला में कीमतों के अंतर को लेकर सवाल किए हैं। सुनवाई के दौरान दवाओं पर अत्यधिक मुनाफे और नियमन की प्रभावशीलता को लेकर चिंता जताई गई।
अदालत में उठे सवालों के बीच दवा कीमतों पर नियंत्रण और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर चर्चा तेज हुई है। हालांकि, NPPA की संशोधित सूची और सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही को अलग-अलग तथ्यों के रूप में समझना चाहिए। नई कीमतों का लागू होना सरकारी अधिसूचना और संबंधित नियमों पर निर्भर करेगा।
दवा की नई कीमत कैसे जांचें?
- NPPA की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित कैंसर दवा कीमतों की सूची देखें।
- दवा का ब्रांड नाम, मात्रा, पैक साइज और पुरानी MRP मिलाकर जांचें।
- Pharma Sahi Daam ऐप के जरिए भी उपलब्ध कीमत की जानकारी देख सकते हैं।
- 9 नवंबर 2026 से लागू संशोधित कीमत के बारे में अस्पताल की फार्मेसी या अधिकृत दवा विक्रेता से पुष्टि करें।
- इलाज के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का ब्रांड, मात्रा या खुराक न बदलें।
NPPA की नई सूची से कैंसर की कई दवाओं के दाम कम होने का रास्ता खुला है, लेकिन मरीजों को मिलने वाली राहत दवा और पैक के अनुसार अलग-अलग होगी। नई MRP लागू होने के बाद अपनी निर्धारित दवा की कीमत की पुष्टि करना सबसे जरूरी कदम है।
