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ट्रेंडिंग Cyclone Arnab: 29 अक्टूबर को MP समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

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चक्रवात अर्नब के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की चेतावनी
चक्रवात अर्नब के तट पार करने के बाद कई राज्यों में बारिश का अलर्ट।

मुख्य बिंदुQuick Read

  • चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम तट पार कर चुका है।
  • IMD ने 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
  • छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।
  • बारिश और हवा की स्थिति के लिए स्थानीय मौसम विभाग तथा जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखें।

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार कर चुका है। इसके बाद भी कई राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 28 अक्टूबर की चेतावनी के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

मौसम के इस बदलाव को देखते हुए मध्य प्रदेश समेत प्रभावित राज्यों के लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। बारिश की तीव्रता और तेज हवाओं का असर अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है।

चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश का तट पार किया

IMD के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय क्षेत्र को पार किया। तट पार करते समय इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। तट पार करने के बाद तूफान के धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान जताया गया।

हालांकि, चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद भी बारिश और तेज हवाओं का खतरा तुरंत खत्म नहीं होता। इसका असर आसपास के क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार बना रह सकता है।

मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश के लिए IMD की 28 अक्टूबर को जारी उपखंडवार चेतावनी में पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसी अवधि में गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी भी दर्ज है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए भी 29 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं से संबंधित चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए बारिश की तीव्रता से जुड़ा पूर्वानुमान अलग है। इसलिए पूरे प्रदेश में एक जैसी बारिश होने का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए।

लोगों को सलाह दी जाती है कि बाहर निकलने से पहले अपने जिले का मौसम अपडेट देखें। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और खुले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

छत्तीसगढ़ में भी मौसम खराब रहने की संभावना

छत्तीसगढ़ में भी चक्रवात से जुड़े मौसम तंत्र के असर के कारण बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। IMD की चेतावनी में 29 अक्टूबर को राज्य में बहुत भारी बारिश की आशंका भी शामिल है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं।

बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा होने पर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का असर

चक्रवात अर्नब के तट पार करने के बाद आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बारिश तथा तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। तटीय क्षेत्रों में जलभराव, तेज हवा और समुद्र की स्थिति से जुड़ी स्थानीय चेतावनियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

आंध्र प्रदेश में कुछ जिलों के लिए बाढ़ जैसे हालात पैदा होने के जोखिम को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह माननी चाहिए और निचले या जलभराव वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों का मौसम

उत्तर भारत में बारिश, गरज-चमक या तेज हवाओं की संभावना जानने के लिए संबंधित राज्यों के लिए जारी IMD के नवीनतम बुलेटिन देखना जरूरी है। किसी एक मौसम प्रणाली के प्रभाव से सभी राज्यों में समान स्थिति नहीं बनती।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों के लिए मौसम का पूर्वानुमान स्थानीय चेतावनी के आधार पर ही समझना चाहिए। 

खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान

  • घर से निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखें।
  • बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • तेज बारिश में जलभराव वाली सड़कों और उफनते नालों को पार करने की कोशिश न करें।
  • तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचों, बिजली के तारों और असुरक्षित पेड़ों से दूर रहें।
  • स्थानीय प्रशासन या मौसम विभाग की चेतावनी को प्राथमिकता दें।

चक्रवात अर्नब के तट पार करने के बाद भी कई राज्यों में मौसम का असर बना रह सकता है। 29 अक्टूबर को विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को बारिश तथा गरज-चमक से संबंधित स्थानीय अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
सत्यापित रिपोर्टर
द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क
संपादकीय न्यूज़ डेस्क • The City Express

द सिटी एक्सप्रेस (The City Express) का केंद्रीय संपादकीय न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश, विंध्य, बुंदेलखंड और देश-दुनिया की ताज़ा, तथ्यपरक और निष्पक्ष ख़बरों का सत्यापित केंद्र।

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