जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से इंदौर के बीच चल रही इंडिगो की सीधी उड़ान 25 अक्टूबर 2026 से बंद होने जा रही है। एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में जबलपुर-इंदौर सेवा को शामिल नहीं किया गया है। इससे दोनों शहरों के बीच सीधे हवाई सफर का विकल्प फिलहाल खत्म हो जाएगा।
जबलपुर-इंदौर के बीच एकमात्र सीधी फ्लाइट
मौजूदा शेड्यूल में इंडिगो की जबलपुर-इंदौर उड़ान करीब 1 घंटे 40 मिनट में सफर पूरा करती है। इस रूट पर 78 सीट वाला एटीआर विमान संचालित हो रहा है। विंटर शेड्यूल में सेवा का उल्लेख नहीं होने से 25 अक्टूबर के बाद इसके संचालन पर विराम लगने की स्थिति बन गई है।
नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट अधिकारियों ने भी विंटर शेड्यूल में सेवा शामिल नहीं होने को उड़ान बंद होने का संकेत बताया है। रिपोर्ट में मुंबई के लिए सीधी सेवा की वापसी और हैदराबाद रूट पर विमान बदलने की जानकारी भी दी गई है।
हैदराबाद रूट पर 78 की जगह 186 सीट वाला विमान
जबलपुर से हैदराबाद के बीच चलने वाली इंडिगो सेवा में बदलाव किया जा रहा है। मौजूदा एटीआर विमान की जगह 186 सीट वाले एयरबस विमान के संचालन की तैयारी है। उपलब्ध शेड्यूल जानकारी में जबलपुर-हैदराबाद रूट पर नए एयरबस संचालन की शुरुआत 25 अक्टूबर से दिखाई गई है।
विमान के आकार में यह बदलाव यात्रियों के लिए उपलब्ध सीट क्षमता बढ़ाएगा। एयरलाइन की ओर से छोटे एटीआर विमान के मेंटेनेंस को जबलपुर-इंदौर सेवा में बदलाव से जोड़कर बताया गया है।
इंदौर जाने वाले यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
जबलपुर और इंदौर के बीच सीधी हवाई सेवा बंद होने के बाद यात्रियों को सड़क या रेल मार्ग का विकल्प अपनाना पड़ेगा। दोनों शहरों के बीच नियमित कारोबारी और व्यक्तिगत आवागमन को देखते हुए सीधी फ्लाइट का बंद होना यात्रियों के लिए अतिरिक्त समय और यात्रा विकल्पों की समस्या पैदा कर सकता है।
व्यापार और उद्योग पर असर की चिंता
जबलपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेम दुबे ने उड़ान सेवा बंद होने को जबलपुर के लिए नुकसानदायक बताया है। उनके मुताबिक विमान सेवा का इस्तेमाल व्यापारियों के अलावा पर्यटन, शिक्षा और उद्योग से जुड़े लोग भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि कम समय में दूसरे शहर पहुंचने के लिए हवाई सेवा महत्वपूर्ण है। इंदौर की सीधी उड़ान बंद होने के बाद यात्रियों को सड़क मार्ग से अधिक समय देना पड़ेगा, जिसका असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
वैकल्पिक कनेक्टिंग रूट का सुझाव
प्रेम दुबे ने जबलपुर-इंदौर उड़ान को पूरी तरह बंद करने के बजाय कनेक्टिंग रूट के विकल्प पर विचार करने का सुझाव दिया है। उन्होंने जबलपुर-इंदौर-अहमदाबाद और जबलपुर-इंदौर-पुणे जैसे रूट पर सेवा संचालित करने की संभावना तलाशने की बात कही है।
उनका कहना है कि इस तरह इंदौर के जरिए जबलपुर के यात्रियों को दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचने का विकल्प मिल सकता है।
डुमना एयरपोर्ट के विस्तार के बाद कनेक्टिविटी पर सवाल
डुमना एयरपोर्ट के विस्तार और सुविधाओं पर बड़े निवेश के बाद लगातार उड़ानों के शुरू होने और बंद होने को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि स्थिर और नियमित हवाई कनेक्टिविटी से ही एयरपोर्ट की सुविधाओं का पूरा उपयोग हो सकेगा।
फिलहाल 25 अक्टूबर के बाद जबलपुर-इंदौर सीधी उड़ान के संचालन को लेकर विंटर शेड्यूल में जगह नहीं है। आगे एयरलाइन की ओर से किसी बदलाव या नई घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
