MP Cabinet बड़ा अपडेट: ₹8,225 करोड़ से ज्यादा मंजूर, जानिए पूरा मामला

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MP Cabinet बड़ा अपडेट: ₹8,225 करोड़ से ज्यादा मंजूर, जानिए पूरा मामला

मुख्य बिंदुQuick Read

  • मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद ने 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी।
  • सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों से जुड़े 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सिंचाई परियोजनाओं, वन संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। इसके अलावा नवगठित जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के संचालन से संबंधित योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई।

बैठक में कृषि के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, वन क्षेत्रों के संरक्षण और क्षतिपूर्ति पौधारोपण कार्यों को आगे बढ़ाने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।

सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378.69 करोड़ रुपये मंजूर

मंत्रिपरिषद ने छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और किसानों तक पानी पहुंचाना है।

छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के लिए 2,611 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से छिंदवाड़ा जिले में 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।

पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना को जारी रखने के लिए 197 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कृषि के लिए पानी उपलब्ध कराना है। विभागीय विवरण में छिंदवाड़ा जिले के 1,26,647 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य भी बताया गया है।

मुरैना जिले की चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 531 करोड़ 15 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत बांध और सिंचाई प्रणाली से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। वहीं, सागर की पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के लिए 39 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके माध्यम से सागर और दमोह जिलों के 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की योजना है।

CAMPA निधि के लिए 2,050.03 करोड़ रुपये की मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि यानी CAMPA के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन के लिए 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग को मंजूरी दी। इस राशि का उपयोग क्षतिपूर्ति पौधारोपण, बिगड़े वन क्षेत्रों में सुधार, जलग्रहण क्षेत्रों में वनीकरण और मृदा एवं जल संरक्षण जैसे कार्यों में किया जा सकता है।

इसके अलावा वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में रहवास विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यजीव संबंधी अधोसंरचना को मजबूत करने और ग्रामीणों की आजीविका से जुड़े कार्यों के लिए भी CAMPA निधि का उपयोग किया जा सकता है।

वन भूमि के विकास कार्यों के लिए उपयोग की अनुमति देते समय निर्धारित शर्तों के अनुसार क्षतिपूर्ति वनीकरण, वन्यजीव प्रबंधन और नेट प्रेजेंट वैल्यू जैसी मदों में राशि जमा कराई जाती है। इसी तरह प्राप्त राशि राज्य की प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि में रखी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के लिए 1,743.58 करोड़ रुपये

मंत्रिपरिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की निर्देशन एवं प्रशासन से संबंधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए। इसका उद्देश्य विभागीय योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन जारी रखना है।

सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन कल्याण के लिए 651.25 करोड़ रुपये

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए है।

स्वीकृत राशि में आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की स्थापना से संबंधित योजना के लिए 6 करोड़ 34 लाख रुपये, स्वावलंबन केंद्र इंदौर के लिए 2 करोड़ 29 लाख रुपये और दृष्टि एवं श्रवण बाधित शालाओं तथा संस्थाओं के वेतन-भत्तों के लिए 152 करोड़ 37 लाख रुपये शामिल हैं।

इसके अलावा मध्य प्रदेश राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपये, कलापथक योजना के लिए 45 करोड़ रुपये, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए 430 करोड़ 4 लाख रुपये और समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम सहित संबंधित योजनाओं के लिए 9 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बनेंगे

मंत्रिपरिषद ने निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना के लिए 16 करोड़ 80 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन कार्यालयों के लिए कुल 68 नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से 32 व्यक्तियों की सेवाएं लेने की स्वीकृति दी गई है।

प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक जिले में 17 नए पद होंगे और आउटसोर्सिंग के माध्यम से 8 व्यक्तियों की सेवाएं ली जा सकेंगी। इस निर्णय से चारों जिलों में जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज के संचालन के लिए अलग कार्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ होगा।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए 345.52 करोड़ रुपये

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW की योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 345 करोड़ 52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह अवधि 16वें वित्त आयोग की अवधि के अनुरूप बताई गई है।

इसमें स्थापना, वेतन-भत्ते और कार्यालय व्यय के लिए 327 करोड़ 52 लाख रुपये, प्रशासकीय भवन निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 7 करोड़ रुपये शामिल हैं।

विधि विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये

मंत्रिपरिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव से संबंधित योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह स्वीकृति विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण से जुड़ी है।

गेहूं खरीदी और बिक्री से जुड़े प्रस्ताव को कार्योत्तर मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 में चमकविहीन गेहूं की बिक्री से संबंधित कार्रवाई को कार्योत्तर स्वीकृति दी। इसमें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन को अधिकृत किए जाने और निविदा के माध्यम से गेहूं बेचने की कार्रवाई शामिल है।

विभागीय विवरण के अनुसार, कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं की बिक्री की कार्रवाई का कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया। यह मामला पुराने विपणन वर्ष की गेहूं बिक्री प्रक्रिया से संबंधित है।

कैबिनेट के फैसलों में किन क्षेत्रों पर जोर?

बैठक में सिंचाई सुविधाओं, वन संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सिंचाई परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि स्वीकृत होने से कृषि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं, नए जिलों में शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग का प्रशासनिक ढांचा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

विभिन्न योजनाओं की वास्तविक प्रगति, राशि के उपयोग और निर्धारित लक्ष्यों की उपलब्धि का आकलन संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक रिपोर्टों के आधार पर किया जा सकेगा।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
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द सिटी एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क
संपादकीय न्यूज़ डेस्क • The City Express

The City Express की संपादकीय टीम के अधिकृत सदस्य। समसामयिक मुद्दों, जनसमस्याओं और विंध्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग।

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