खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि डीजल और डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) की कीमतों में बढ़ोतरी के आधार पर नई दरें निर्धारित की गई हैं। इसका उद्देश्य राशन परिवहन में लगे वाहनों की बढ़ी परिचालन लागत के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करना है।
MP Youth Annadoot Yojana: डीजल महंगा होने पर परिवहनकर्ताओं को कितना फायदा?

मुख्य बिंदुQuick Read
- मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना में राशन परिवहन की दरों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
- परिवहन व्यय में औसतन 0.6522 रुपये यानी करीब 65 पैसे प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
- डीजल की कीमत 93.90 रुपये से बढ़कर 99.64 रुपये प्रति लीटर होने को दर संशोधन का आधार बताया गया है।
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना में क्या बदला?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए राशन सामग्री का परिवहन किया जाता है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत यह सामग्री प्रदाय केंद्रों से उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाई जाती है।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहनकर्ताओं की लागत बढ़ गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेक्टरों की परिवहन दरों में संशोधन किया गया है। नई दरें ईंधन की खपत, परिवहन दूरी और खाद्यान्न की मात्रा जैसे मानकों के आधार पर निर्धारित की गई हैं।
डीजल 93.90 से बढ़कर 99.64 रुपये प्रति लीटर
दर संशोधन के लिए डीजल और डीईएफ की कीमतों में आए बदलाव को आधार बनाया गया है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के अनुसार:
- डीजल की कीमत: 93.90 रुपये से बढ़कर 99.64 रुपये प्रति लीटर।
- डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF): 77 रुपये से बढ़कर 91 रुपये प्रति लीटर।
- औसत परिवहन दर वृद्धि: 0.6522 रुपये यानी करीब 65 पैसे प्रति क्विंटल।
ईंधन की बढ़ी कीमतों के कारण वाहनों के संचालन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च का आकलन करके सेक्टरवार दरों में संशोधन किया गया है। खाद्य विभाग की विभागीय समिति के अनुमोदन के बाद दरों में वृद्धि का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
परिवहनकर्ताओं को कितना अतिरिक्त भुगतान मिलेगा?
योजना के तहत परिवहन व्यय में औसतन 0.6522 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। यह औसत बढ़ोतरी है। अलग-अलग सेक्टरों की वास्तविक संशोधित दरें परिवहन की दूरी, ईंधन की खपत और खाद्यान्न की मात्रा के आधार पर निर्धारित की जाती हैं।
इसलिए किसी परिवहनकर्ता को कुल कितना अतिरिक्त भुगतान मिलेगा, यह उसके परिवहन किए गए खाद्यान्न की मात्रा और लागू सेक्टरवार दर पर निर्भर करेगा। उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक सेक्टर की संशोधित दरों की पूरी सूची नहीं दी गई है।
जून 2026 से मिलेगा संशोधित दरों का लाभ
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत अनुबंधित वाहनों के परिवहनकर्ताओं को बढ़ी ईंधन लागत के आधार पर संशोधित दरों का लाभ जून 2026 से देने का प्रावधान है। इससे परिवहनकर्ताओं को बढ़े हुए परिचालन खर्च के अनुरूप भुगतान मिल सकेगा।
दर संशोधन का उद्देश्य राशन सामग्री को प्रदाय केंद्रों से उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाए रखना है। योजना के तहत परिवहन व्यवस्था जारी रखने और ईंधन की बढ़ी कीमतों के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए भुगतान तय किया गया है।
राशन वितरण व्यवस्था पर क्या असर होगा?
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत परिवहनकर्ता सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए खाद्यान्न को उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाते हैं। परिवहन दरों में संशोधन से इस काम में लगे अनुबंधित वाहन संचालकों की बढ़ी लागत को आंशिक राहत देने का उद्देश्य है।
हालांकि, औसतन 65 पैसे प्रति क्विंटल की वृद्धि से किसी विशेष परिवहनकर्ता को मिलने वाले कुल अतिरिक्त भुगतान का अनुमान लगाने के लिए उसके परिवहन की मात्रा और लागू सेक्टर की दरों की जानकारी आवश्यक होगी।